65वें स्थापना दिवस पर मगध विश्वविद्यालय ने तय की नई दिशा

  • 65वां स्थापना दिवस समारोह संपन्न, जीतन राम मांझी और प्रेम कुमार रहे मुख्य अतिथि

बोधगया- मुकेश कुमार सिन्हा। मगध विश्वविद्यालय के 65वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर स्थित अतिथि गृह में कुलपति प्रो. एस. पी. शाही की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। संस्कार सृजन की समन्वयक डॉ. मीनाक्षी के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने कुलगीत एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर वातावरण को गरिमामय बना दिया। अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर किया गया।

अपने संबोधन में जीतन राम मांझी ने विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को पुनर्स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को पुनर्जीवित करने के लिए आधारभूत संरचना का सुदृढ़ीकरण जरूरी है और ऑडिटोरियम निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने मगही भाषा में अपने उद्बोधन के दौरान बताया कि विश्वविद्यालय स्थापना के समय 100 एकड़ भूमि की मांग पर 300 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने विश्वविद्यालय परिषद् में बोधगया मठ के मठाधीश स्वर्गीय सत्येंद्र नारायण सिंह की प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव रखा तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष विश्वविद्यालय की मांगों को रखने का भरोसा दिलाया। साथ ही कृषि और हरियाली के महत्व पर बल देते हुए शोध कार्यों को बढ़ाने की अपील की।

विशिष्ट अतिथि प्रेम कुमार ने अनुशासन, परिश्रम और नैतिकता को विश्वविद्यालय विकास का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र प्रशासनिक, शैक्षणिक और राजनीतिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। उन्होंने बिहार सरकार द्वारा शिक्षा बजट में लगभग साठ हजार करोड़ रुपये के प्रावधान का उल्लेख करते हुए संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।

कुलपति प्रो. एस. पी. शाही ने अपने स्वागत भाषण में पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि 155 से अधिक परीक्षाएं नियमित रूप से संपन्न कराई गईं तथा 300 से अधिक संगोष्ठी एवं कार्यशालाएं आयोजित की गईं। उन्होंने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि मगध विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है जहां वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की पढ़ाई प्रारंभ की जा रही है। साथ ही एआई एवं एएस विभाग को भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा गया जिले के गुरुआ प्रखंड स्थित दुवा क्षेत्र में सर्वेक्षण का अवसर प्राप्त हुआ है, जो देश के केवल सात विश्वविद्यालयों को मिला है।

अधिष्ठाता प्रो. प्रमोद कुमार चौधरी ने शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि कुलसचिव प्रो. बिनोद कुमार मंगलम ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन डॉ. दीप शिखा पांडेय एवं डॉ. परम प्रकाश राय ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, शिक्षक, विद्यार्थी एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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