
सासाराम। रोहतास जिले के सासाराम में पैन और आधार कार्ड के कथित दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्तियों ने स्थानीय व्यवसायी गालिब इमाम के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लिया और करोड़ों रुपये के कारोबार का विवरण दर्ज कर दिया। इसके बाद आयकर विभाग की ओर से उन्हें भारी-भरकम लेनदेन से जुड़े नोटिस मिलने लगे।
इस संबंध में पीड़ित व्यवसायी एवं फोटोस्टेट दुकानदार गालिब इमाम ने सासाराम नगर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्राथमिकी के अनुसार अज्ञात व्यक्तियों ने उनके पैन और आधार कार्ड का दुरुपयोग कर तीन फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन करा लिए। इन रजिस्ट्रेशन के माध्यम से करीब 115 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार दर्शाया गया है, जबकि पीड़ित का इस प्रकार के किसी भी व्यापार से कोई संबंध नहीं है।
अड्डा रोड निवासी गालिब इमाम सासाराम में एक छोटी सी फोटोस्टेट की दुकान चलाते हैं और इसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी बड़े व्यापार या कंपनी का संचालन नहीं किया। करोड़ों रुपये के कथित लेनदेन से जुड़े नोटिस मिलने के बाद ही उन्हें पूरे मामले की जानकारी हुई।
गालिब इमाम के अनुसार हाल के दिनों में आयकर विभाग की ओर से कई नोटिस प्राप्त हुए हैं। इनमें 5 फरवरी को सासाराम स्थित आयकर कार्यालय से 1,10,93,13,901 रुपये के कथित लेनदेन से संबंधित नोटिस भी शामिल है। इसके अलावा देश के विभिन्न शहरों से भी उनसे जुड़े लेनदेन को लेकर नोटिस भेजे गए हैं।
पीड़ित ने बताया कि शिलांग (मोरेगांव) से सैयदा अफ्जिया के पैन कार्ड से जुड़े 4,42,93,333 रुपये के लेनदेन का नोटिस मिला है, जबकि भोपाल से दादूलाल गुप्ता के नाम से संबंधित एक अन्य नोटिस भी प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त दिल्ली से अलग-अलग नामों से पांच अन्य नोटिस भी भेजे गए हैं।
लगातार मिल रहे नोटिसों से गालिब इमाम मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं। उनका कहना है कि एक छोटे दुकानदार के लिए इस तरह के करोड़ों रुपये के लेनदेन की कल्पना भी संभव नहीं है।
इस मामले में एफआईआर संख्या 154/26, दिनांक 1 मार्च 2026 को सासाराम नगर थाना में दर्ज की गई है। पीड़ित ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि उनके नाम पर हुए फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन को तत्काल निरस्त किया जाए, पूरे मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें फर्जी आयकर नोटिसों से राहत दिलाई जाए।पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- रिपोर्ट, तस्वीर:टिपु सुलतान





