मानवाधिकारों की समझ बढ़ाने के लिए एनएचआरसी का ऑनलाइन इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू

नई दिल्ली। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मार्च 2026 के लिए अपना ऑनलाइन अल्पकालिक इंटर्नशिप कार्यक्रम (ओएसटीआई) शुरू कर दिया है। कार्यक्रम का उद्घाटन एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने महासचिव भरत लाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में किया।देश भर के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 1,147 छात्रों ने आवेदन किया, जिनमें से विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के 80 विश्वविद्यालय स्तरीय छात्रों का चयन किया गया है। यह दो सप्ताह का ऑनलाइन कार्यक्रम 20 मार्च 2026 तक चलेगा।

उद्घाटन के अवसर पर न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया कई वैश्विक संघर्षों का सामना कर रही है। ऐसे दौर में मानवाधिकारों की सही समझ और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने लड़कियों की बढ़ती भागीदारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी समाज की समृद्धि, समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं में शिक्षा और जागरूकता का विस्तार आवश्यक है।

उन्होंने सिडनी स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस द्वारा जारी वैश्विक शांति सूचकांक का उल्लेख करते हुए बताया कि आज दुनिया के लगभग 78 देश अपनी सीमाओं से बाहर सशस्त्र संघर्षों में शामिल हैं। इन संघर्षों के कारण लगभग 12 करोड़ लोग शरणार्थी या विस्थापित हुए हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लगभग 20 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।

एनएचआरसी के महासचिव भरत लाल ने अपने संबोधन में कहा कि देश नागरिकों का होता है और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा को बनाए रखते हुए इसे बेहतर बनाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” की अवधारणा तभी साकार होगी जब मानवाधिकारों और समानता के मूल्य लोगों के दैनिक जीवन—घर, विद्यालय, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों—में दिखाई देंगे।उन्होंने बताया कि इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को मानवाधिकार क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव और नई दृष्टि प्राप्त होगी।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को मानवाधिकारों का दूत बनाना है, ताकि वे समाज में अन्याय और भेदभाव को पहचानकर उसके खिलाफ आवाज उठा सकें।

एनएचआरसी की संयुक्त सचिव साइडिंगपुई छकछुआक ने इंटर्नशिप के पाठ्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में व्याख्यान, समूह शोध परियोजना प्रस्तुति, पुस्तक समीक्षा और भाषण प्रतियोगिता जैसी गतिविधियां शामिल हैं। इसके अलावा प्रतिभागियों को तिहाड़ आश्रय गृह और पुलिस स्टेशन जैसे संस्थानों का वर्चुअल टूर भी कराया जाएगा, ताकि वे मानवाधिकार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझ सकें।इस अवसर पर एनएचआरसी के संयुक्त सचिव समीर कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

  • रिपोर्ट, तस्वीर: पीआईबी, इनपुट : निशांत राज
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