डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। संयुक्त श्रम संसाधन भवन, डालमियानगर में शुक्रवार को बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रम विभाग, सामाजिक संस्थाओं एवं श्रमिकों ने मिलकर बाल श्रम उन्मूलन का संकल्प लिया और लोगों से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की अपील की।
कार्यक्रम का उद्घाटन सहायक श्रम आयुक्त रिपू सुदन मिश्र, सूरज संस्था के सचिव ठाकुर रवींद्रनाथ, सुमन संस्था की छात्रा वंदना कुमारी, दना कुमारी तथा श्रमिक सोनी खातून ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं श्रमिकों ने बाल श्रम रोकने और इसके प्रति जागरूकता फैलाने की शपथ ली।
सहायक श्रम आयुक्त रिपू सुदन मिश्र ने कहा कि बाल श्रम उन्मूलन के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भूमिका बाल श्रम रोकने में महत्वपूर्ण है और बच्चों से काम कराने वाले लोगों के साथ-साथ अभिभावकों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
कार्यक्रम में श्रमिकों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। श्रम अधीक्षक ने बताया कि निबंधित महिला कामगारों को प्रसव सहायता, पुरुष श्रमिकों को पितृत्व लाभ, मकान मरम्मत, साइकिल खरीद, पुत्रियों के विवाह, दुर्घटना सहायता तथा शिक्षा प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का लाभ दिया जाता है।
इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सर्वेश पांडेय, बबलू कुमार, खुशबू कुमारी, शैलेंद्र कुमार, कपिल देव, रंजन कुमार और शिव कुमार मिश्र सहित कई लोग उपस्थित थे।




