
नव प्रवेशी विद्यार्थियों को शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
डेहरी-ऑन-सोन(रोहतास)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार में नव प्रवेशी छात्र-छात्राओं के स्वागत एवं उन्हें विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित दीक्षारम्भ-2026 कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में नव प्रवेशी विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के साथ परीक्षा, छात्रावास, साइबर सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, लैंगिक संवेदनशीलता, अनुशासन तथा विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सहायता सुविधाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं पूर्व सांसद गोपाल नारायण सिंह, सलाहकार प्रो. डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक सह औरंगाबाद विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह, कुलसचिव डॉ. कुमार आलोक प्रताप, अकादमिक निदेशक एवं परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह तथा रोहतास साइबर अपराध के उपाधीक्षक गौरव कुमार ने मंच साझा किया। पदाधिकारियों ने नव प्रवेशी विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए उन्हें शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के लिए मार्गदर्शन दिया।

कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ उच्च शिक्षा की यात्रा शुरू करने का संदेश दिया। उन्होंने शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार, जिम्मेदारी और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
प्रबंध निदेशक सह विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और विश्वविद्यालय में उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा को रोजगार एवं उद्यमिता से जोड़कर देखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय

रोहतास साइबर अपराध के उपाधीक्षक गौरव कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। उन्होंने फर्जी संपर्क-सूत्र, एक बार इस्तेमाल होने वाले गुप्त अंक (ओटीपी), पासवर्ड, सामाजिक माध्यमों के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल शिकायत करने के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से डिजिटल दुनिया में सतर्क और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह उपस्थित रहे। छात्रावास अधीक्षक प्रो. आशुतोष द्विवेदी, आईआईसी समन्वयक डॉ. रणजीत, आंतरिक शिकायत समिति की अध्यक्ष डॉ. श्वेता शर्मा, रैगिंग निषेध समिति के अध्यक्ष डॉ. मणिकांत कुमार, मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार तथा छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. आलोक कुमार ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. ललितेश्वर प्रताप सिंह तथा सह-संयोजक डॉ. मयंक राय एवं वेदांत प्रजापति रहे। प्रथम सत्र का मंच संचालन कृषि संकाय की डॉ. ज्योति तथा द्वितीय सत्र का संचालन फार्मेसी संकाय के डॉ. आयुष ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों के अधिष्ठाता, निदेशक, प्राचार्य, उप-प्राचार्य, सह-आचार्य एवं सहायक आचार्यों ने सक्रिय सहभागिता की।




