
- एसआईआर के दौरान हटाए गए नामों की होगी जांच, बीएलओ घर-घर जाकर जुटाएंगे जानकारी
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। मतदाता सूची में अपना नाम दोबारा दर्ज कराने के लिए अब पात्र मतदाताओं के घर तक निर्वाचन विभाग की टीम पहुंचेगी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे। इस प्रक्रिया को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस संबंध में मंगलवार को डेहरी प्रखंड सभागार में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी नीलेश कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें डेहरी प्रखंड, डेहरी नगर परिषद और अकोढ़ीगोला प्रखंड के बीएलओ शामिल हुए।
बैठक में एसडीएम ने निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान जिन योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हट गए हैं, उनका भौतिक सत्यापन किया जाए। ऐसे मतदाता, जो वर्तमान में अपने निर्धारित पते पर मौजूद हैं या वापस लौट आए हैं, उनसे संपर्क कर आवश्यक जानकारी जुटाई जाए। सत्यापन के बाद नियमानुसार पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पुनः शामिल करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।
उन्होंने कहा कि अभियान को एक महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने मताधिकार से वंचित न रहे। बैठक में अवर निर्वाचन पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी अजीत कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अकोढ़ीगोला में भी बीएलओ को निर्देश

अकोढ़ीगोला प्रखंड कार्यालय के सभागार में मंगलवार को अवर निर्वाचन पदाधिकारी संतोष कुमार सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. रविरंजन की अध्यक्षता में बीएलओ के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों के पुनः सत्यापन की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
अधिकारियों ने बीएलओ को अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर संबंधित मतदाताओं से संपर्क स्थापित करने और उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाने का निर्देश दिया। साथ ही, निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन कार्य पूरा करने पर जोर दिया गया।
पारदर्शिता के साथ समय पर सत्यापन का निर्देश
बैठक में मतदाताओं से संबंधित जानकारियों का सही तरीके से मिलान करने और सत्यापन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
बीएलओ को सत्यापन के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने को भी कहा गया। प्रशासन का जोर निर्धारित समय-सीमा में सत्यापन पूरा करने और नियमानुसार पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पुनः शामिल करने पर है।





