
पटना। प्रशासनिक एवं वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के तहत कार्यशाला आयोजित की गई। 26 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित सतर्कता जागरूकता सप्ताह की थीम ‘समृद्धि के लिए सत्यनिष्ठा’ रही। कार्यशाला में संस्थान के कर्मचारियों एवं अन्य हितधारकों को सतर्कता प्रक्रियाओं और नैतिक कार्यप्रणाली के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक, वित्तीय, खरीद एवं अन्य कार्यालयी कार्यों में सतर्कता संबंधी नियमों, प्रक्रियाओं और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने, निर्धारित नियमों का अनुपालन करने, उचित अभिलेख संधारण, हितों के टकराव से बचने, निष्पक्ष निर्णय लेने तथा प्रक्रियागत अनियमितताओं की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
संस्थान के सतर्कता अधिकारी डॉ. शंकर दयाल ने सतर्कता जागरूकता और प्रक्रियागत अनुपालन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संस्थागत कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं सत्यनिष्ठा बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है। उन्होंने अनियमितताओं की रोकथाम के लिए निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर दिया।
कार्यशाला में समयबद्ध तरीके से कार्यों का निष्पादन, सार्वजनिक धन एवं संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग तथा प्रत्येक आधिकारिक कार्य में आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत भी बताई गई।
इस अवसर पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (वरिष्ठ श्रेणी) पुष्पनायक, वित्त एवं लेखा अधिकारी रजत कुमार दास, सहायक प्रशासनिक अधिकारी (क्रय) रवि शंकर, रश्मि कांत, तकनीकी अधिकारी मुरारी महाराज तथा सदस्य सचिव, मीडिया उमेश कुमार मिश्र सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी एवं हितधारक उपस्थित रहे।




