
आरा (भोजपुर)। भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले रजत जयंती महोत्सव ‘लोकरस रंग सह सम्मान समारोह’ में भोजपुरी की पारंपरिक लोकविधाओं की विशेष प्रस्तुति होगी। आगामी 15 से 18 दिसंबर तक प्रस्तावित इस महोत्सव में नाटक, गायन और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक गोंड नाच तथा आल्हा गायन का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से भोजपुरी लोक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी को स्थानीय लोकसंस्कृति से परिचित कराने का प्रयास किया जाएगा।
संस्थान के सदस्यों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्वामी विक्रमादित्य ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोंड नाच की प्रस्तुति के लिए गायक अविनाश पांडेय ‘लव बाबा’ तथा आल्हा गायन के लिए आदित्य यादव को संयोजक बनाया गया है। प्रस्तुतियां भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच, पटेल बस पड़ाव परिसर में आयोजित की जाएंगी।
महोत्सव के अंतर्गत स्कूली छात्रों के लिए भोजपुरी चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। इसके संयोजक चित्रकार रौशन राय होंगे। प्रतियोगिता में सहभागिता के लिए विभिन्न विद्यालयों से संपर्क किया जाएगा। चित्रकला के अतिरिक्त नृत्य, संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों में स्कूली बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी विद्यालयों से अनुरोध किया जाएगा। इस जिम्मेदारी के लिए शिक्षक मुन्ना राय और धनंजय कुमार कटकैरा को दायित्व सौंपा गया है।
बैठक का संचालन संस्थान के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह ने किया। रजत जयंती महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर आयोजन सचिव रवि प्रकाश सूरज, व्यास कमलेश पासवान, धनंजय कुमार कटकैरा, बिनोद कुमार सिंह, कुमार शीलभद्र, विजय कुमार सिंह, मुन्ना राय और वरिष्ठ रंगकर्मी सरफराज अहमद ने अपने विचार रखे।
बैठक के अंत में व्यास कमलेश पासवान ने भिखारी ठाकुर रचित गीत की सुमधुर प्रस्तुति दी। नरेंद्र सिंह ने नगर के सभी सुधीजनों से समारोह को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।




