
आरा (भोजपुर)। मुसहर समाज को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति में सुधार के लिए माता शबरी संघर्ष समिति के बैनर तले जिला समाहरणालय, आरा के समक्ष एकदिवसीय महाधरना आयोजित किया गया। इस दौरान नौ सूत्री मांगों से संबंधित स्मार-पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पद्मश्री डॉ. भीम सिंह भवेश ने कहा कि मुसहर जाति आज भी शैक्षिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर हाशिए पर है। बिहार में इस जाति की आबादी 42 लाख से अधिक होने के बावजूद मात्र 98 हजार लोग मैट्रिक पास हैं। राज्य की कुल आबादी में तीन प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के बावजूद मुसहर समाज के केवल 0.75 प्रतिशत लोग निम्न वर्गीय नौकरियों में हैं।
उन्होंने कहा कि मुसहर बस्तियों में नाली, गली, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उनके अनुसार, 98 प्रतिशत मुसहर परिवारों के पास शौचालय और रसोई गैस कनेक्शन नहीं है, जबकि छह से 14 वर्ष आयु वर्ग के 80 प्रतिशत से अधिक बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हैं।
डॉ. भवेश ने कहा कि मुसहर समाज को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने के लिए राज्य स्तर पर विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री को मांगों का स्मार-पत्र सौंपा जाएगा। इसके तीन माह बाद मांगों की समीक्षा कर आगे के आंदोलन की रूपरेखा तय की जाएगी।
जिला पार्षद प्रतिनिधि दीपक मांझी, लाल बिहारी राम और लालू मांझी ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने समाज के लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित बनाने की अपील की।
नौ सूत्री मांगों में आयोग गठन और आवास की सुविधा प्रमुख
समिति की प्रमुख मांगों में मुसहर जाति को अनुसूचित जाति के अंतर्गत विशेष श्रेणी का दर्जा देना, मुसहर जाति आयोग का गठन, शिक्षा एवं रोजगार के लिए विशेष अभियान चलाना और जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के लिए विशेष निर्देश जारी करना शामिल है।
इसके अलावा अभियान चलाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और लेबर कार्ड बनवाने, सभी मुसहर बस्तियों में पेयजल, शौचालय, सामुदायिक भवन और पहुंच पथ की व्यवस्था करने की मांग की गई।
आवास से संबंधित मांगों में आवासविहीन परिवारों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराना या अपार्टमेंट निर्माण के माध्यम से आवास देना, जर्जर एवं अपूर्ण आवासों का जीर्णोद्धार और निर्माण पूरा कराना शामिल है। समिति ने सभी परिवारों को उज्ज्वला योजना से जोड़ने तथा राज्य और केंद्र सरकार की चतुर्थ श्रेणी की सेवाओं में मुसहर जाति को प्राथमिकता देने की भी मांग की।
महाधरना को बृजनंदन राम, धरमु राम, भरत कुमार, जय किशन, गोलू मांझी, शैलेन्द्र राम, विकास कुमार, हरेंद्र राम, अनंत कुमार, भानु राम, पिंटू मांझी, अर्जुन कुमार, बद्री राम, विरेन्द्र राम, अमीर, रविन्द्र और राजेन्द्र कुमार सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया।
महाधरना में भोजपुर के अलावा रोहतास, पटना, बक्सर और जहानाबाद सहित कई जिलों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।




