
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विषेश संवादाता। चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों की खेलकूद प्रतिभा, ज्ञानवर्धक आयोजनों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नामी-गिरामी कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों के साथ चार दिवसीय मेटामोरफोसिस 2025 (मेटामोरफोसिस 3:0) का समापन भव्य रूप से हो गया।
इस आयोजन का नेतृत्व नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल द्वारा किया गया, जिसमें बिहार और झारखंड के विभिन्न चिकित्सा शिक्षण संस्थानों से आए लगभग 450 छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान जहां बॉलीवुड के प्रसिद्ध सिंगर अंकित तिवारी, माही और मुंबई के मशहूर डीजे बैंड की प्रस्तुतियों ने युवाओं में उत्साह भर दिया, वहीं अंतिम दिन आयोजित सूफी गायन ने गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के सभागार में मौजूद दर्शकों से खूब तालियां बटोरीं।
उल्लेखनीय है कि यह महोत्सव 18 दिसंबर को शुरू हुआ था और सांस्कृतिक संध्या के साथ रविवार को देर रात संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. कुमार अंशुमान ने बताया कि बास्केटबॉल में लक्ष्मी मेडिकल कॉलेज झारखंड की टीम विजेता रही जबकि नारायण मेडिकल कॉलेज की टीम उपविजेता रही तथा फुटबॉल में नारायण मेडिकल कॉलेज ने बाजी मारी जबकि उप विजेता कटिहार मेडिकल कॉलेज रही।
इसी प्रकार वॉलीबॉल मैच में झारखंड की टीम विजेता रही जबकि उपविजेता नेताजी सुभाष चंद्र मेडिकल कॉलेज बिहटा की टीम रही। क्रिकेट में कटिहार मेडिकल कॉलेज ने बाजी मारी जबकि उपविजेता नारायण मेडिकल कॉलेज की टीम रही।
इसी प्रकार छात्राओं की वॉलीबॉल प्रतियोगिता नारायण मेडिकल कॉलेज के नाम रहा जबकि उपविजेता श्री नारायणा मेडिकल कॉलेज, सहरसा की टीम रही। छात्राओं के बास्केटबॉल भी नारायण मेडिकल कॉलेज की टीम के नाम रही जबकि झारखंड की लक्ष्मी मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने उपविजेता होने का गौरव प्राप्त किया। कबड्डी में भी नारायण मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने बाजी मारी जबकि उपविजेता लक्ष्मी मेडिकल कॉलेज झारखंड की टीम रही।
इसी प्रकार अन्य इंडोर मैचों में भी अधिकांश बाहर से आई टीमों ने ही बाजी मारी। नारायण मेडिकल कॉलेज की टीम ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया। इसके अलावा इंडोर गेम्स में भी बाहर से आई कई टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की बात करें तो नारायण मेडिकल कॉलेज की टीम ने सभी खेलों में संतोषजनक और प्रभावशाली प्रदर्शन कर आयोजन को और भी गौरवपूर्ण बना दिया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)






