आमजन के बीच हुआ रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ की पुस्तक “उजाला हो गया” का भव्य लोकार्पण

पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। आज के समय में पुस्तक लोकार्पण प्रायः बंद सभागारों और विशिष्ट आयोजनों तक सीमित होते जा रहे हैं, जहाँ आमजन की भागीदारी न्यूनतम रह जाती है। ऐसे परिवेश में जब कोई साहित्यिक कृति सीधे जनता के बीच लोकार्पित होती है, तो उसका प्रभाव और प्रासंगिकता कई गुना बढ़ जाती है।ऐसा ही एक प्रेरक दृश्य आज पटना में देखने को मिला, जब युवा लेखिका रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ की नवीन पुस्तक “उजाला हो गया” का भव्य लोकार्पण आमजन के बीच, नारायणी शक्ति फाउंडेशन के वार्षिक समारोह के अवसर पर संपन्न हुआ। खुले मंच पर हुए इस आयोजन में साहित्य सचमुच जन-जन से जुड़ता नजर आया। समारोह में साहित्यकारों की तुलना में सामान्य पाठकों और साहित्य-प्रेमियों की उपस्थिति अधिक रही, जिसने आयोजन की सार्थकता को और रेखांकित किया।

पुस्तक का लोकार्पण करते हुए वरिष्ठ कवि एवं चित्रकार सिद्धेश्वर ने कहा कि रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ की कविताएँ, लघुकथाएँ और कहानियाँ मात्र मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और वैचारिक हस्तक्षेप का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि रजनी की रचनाएँ साहित्य की जीवंत परंपरा का सशक्त उदाहरण हैं। इस क्रम में उन्होंने अपनी पंक्तियाँ भी साझा कीं—“प्रेम किए बिन कौन है, सबके मन में प्रेम।रूप सभी के हैं अलग, अलग-अलग है फ्रेम।”

नारायणी शक्ति फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस वार्षिकोत्सव में सैकड़ों श्रोता एवं दर्शक उपस्थित रहे। पुस्तक “उजाला हो गया” का लोकार्पण वरिष्ठ कवि-चित्रकार सिद्धेश्वर, चर्चित कवि अंकेश कुमार, फाउंडेशन की अध्यक्ष सरिता राज, मेयर सीता साहू एवं पार्षद आशीष चंद्र यादव के संयुक्त कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ।

इस अवसर पर लेखिका रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ ने कहा कि व्यक्ति और समाज की चेतना को जागृत करना ही उनके सृजन का मूल उद्देश्य है। वहीं कवि अंकेश कुमार ने कहा कि इस पुस्तक में साहित्य की विविध विधाओं का समावेश रचनाकार की सशक्त रचना-धर्मिता को उजागर करता है। उन्होंने बताया कि इस पुस्तक का प्रकाशन विन्यास प्रकाशन, गाजियाबाद द्वारा किया गया है, जिसमें वरिष्ठ कवि सिद्धेश्वर का बहुमूल्य सहयोग रहा।पार्षद आशीष चंद्र यादव ने अपने संबोधन में कहा कि युवा रचनाकारों के बीच रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ की रचनाएँ अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। वहीं फाउंडेशन की अध्यक्ष सरिता राज ने कहा कि “उजाला हो गया” साहित्य और संस्कृति—दोनों की जीवंत अभिव्यक्ति है, जो समाज में चेतना, संवेदना और विचार का प्रभावी संचार करती है।

यह भी उल्लेखनीय है कि रजनी श्रीवास्तव ‘अनंता’ साहित्य के साथ-साथ संगीत के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं। वे एक सुदक्ष गायिका हैं और वरिष्ठ कवि सिद्धेश्वर सहित अनेक शायरों की ग़ज़लों को स्वर दे चुकी हैं, जिन्हें यूट्यूब जैसे मंचों पर व्यापक सराहना मिली है। इससे स्पष्ट है कि उनका कला-संसार लेखन के साथ-साथ संगीत में भी समान रूप से समृद्ध है।

Share
  • Related Posts

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    डेहरी (रोहतास)। राष्ट्रीय सवर्ण कल्याण मोर्चा के बैनर तले रविवार को डेहरी में विशाल जन चेतना रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। रैली के माध्यम…

    Share

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    सासाराम। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वावधान में चतुर्थ देव मंगल मेमोरियल राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ संस्थान के मूट…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय, समय की मांग है व्यवसायिक कृषि: गोपाल नारायण सिंह

    वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय, समय की मांग है व्यवसायिक कृषि: गोपाल नारायण सिंह

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच व योग प्रशिक्षण शिविर लगाएगा ध्यान योग केंद्र

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच व योग प्रशिक्षण शिविर लगाएगा ध्यान योग केंद्र

    रमज़ान के मौके पर सासाराम में भव्य इफ्तार पार्टी, सौहार्द और एकता का संदेश

    रमज़ान के मौके पर सासाराम में भव्य इफ्तार पार्टी, सौहार्द और एकता का संदेश

    यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ डेहरी में 15 मार्च को निकलेगी ‘जन चेतना रैली’

    यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ डेहरी में 15 मार्च को निकलेगी ‘जन चेतना रैली’