30 वर्षों की गौरवशाली सेवा के बाद कर्नल डी. एस. मलिक सेवानिवृत्त, सासाराम में भव्य विदाई समारोह

सासाराम(रोहतास)- कार्यालय प्रतिनिधि। आईसी-54106ए कर्नल डी. एस. मलिक, कमांडिंग ऑफिसर, 42 बिहार बटालियन एनसीसी, सासाराम ने भारतीय सेना एवं एनसीसी में 30 वर्षों की विशिष्ट, समर्पित एवं गौरवशाली सेवा के उपरांत दिनांक 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्ति ग्रहण की। इस अवसर पर सासाराम में उनके सम्मान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें एनसीसी अधिकारियों, एएनओ, सीटीओ, सिविल स्टाफ एवं कैडेटों ने सहभागिता की।

कर्नल डी. एस. मलिक का 42 बिहार बटालियन एनसीसी में दो वर्षीय कार्यकाल अनुकरणीय नेतृत्व, प्रभावी प्रशासन एवं एनसीसी के मूल आदर्शों के प्रति अटूट निष्ठा के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके कार्यभार ग्रहण के समय बटालियन के अंतर्गत 27 एनसीसी संस्थान कार्यरत थे, जो उनके दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत प्रयासों से बढ़कर 37 संस्थान हो गए। 10 नए एनसीसी संस्थानों की स्थापना बटालियन के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

उनके प्रेरणादायी नेतृत्व में बटालियन के कैडेटों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की। कार्यकाल के दौरान 11 कैडेट गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी), 9 कैडेट थल सैनिक शिविर (टीएससी ) तथा 2 कैडेट आईडीएसएससी के लिए चयनित हुए। यह उपलब्धियाँ प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अनुशासन एवं कैडेटों के सर्वांगीण विकास को दर्शाती हैं।

अवसंरचना विकास एवं कैडेट कल्याण को प्राथमिकता देते हुए कर्नल मलिक के कार्यकाल में एमटी एवं सिविल स्टाफ पार्किंग सुविधा, एनसीसी कैडेट शेल्टर, खेल विकास गतिविधियाँ, एनसीसी ब्रेनर पॉपस्टार कार्यक्रम, निरंतर भवन रखरखाव एवं अन्य अवसंरचनात्मक सुधार कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण किए गए। इन प्रयासों से बटालियन न केवल शारीरिक बल्कि संगठनात्मक रूप से भी अधिक सशक्त बनी।

सेवानिवृत्ति अवसर पर 42 बिहार बटालियन एनसीसी के समस्त अधिकारियों, एएनओ, सीटीओ, सिविल स्टाफ एवं कैडेटों ने कर्नल डी. एस. मलिक के प्रति हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उनका योगदान बटालियन के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।

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