लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। प्रसिद्ध चिकित्सक और डेहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के पर्याय माने जाने वाले डॉ. सुनील बोस का गुरुवार को गोवा स्थित उनके पुत्री के आवास पर निधन हो गया। वे लगभग 97 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर मिलते ही डेहरी, रोहतास सहित पूरे शाहाबाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

डॉ. बोस ने करीब छह दशकों तक चिकित्सा सेवा देते हुए लाखों मरीजों का इलाज किया और उन्हें नया जीवन प्रदान किया। वर्ष 1960 के दशक से उन्होंने डेहरी में अपनी प्रैक्टिस शुरू की थी। उस समय जब क्षेत्र में बड़े अस्पतालों की सुविधा नहीं थी, वे रात-दिन मरीजों की सेवा में तत्पर रहते थे। आधी रात को भी मरीजों के घर पहुंचकर इलाज करना उनकी पहचान बन गया था। गरीब और जरूरतमंद मरीजों से अक्सर फीस नहीं लेना उनके मानवीय स्वभाव को दर्शाता था।

उनके योगदान के कारण डेहरी शहर को चिकित्सा क्षेत्र में एक अलग पहचान मिली। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि एक मार्गदर्शक और समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे। सादगीपूर्ण जीवन, समर्पण और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के कारण उन्हें क्षेत्र में ‘मसीहा’ कहा जाता था।

बताया जाता है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी उनका योगदान रहा था। उन्होंने क्रांतिकारियों के लिए पत्रक वितरण जैसे कार्यों में भाग लिया था। वर्ष 1965 से 2025 तक लगातार चिकित्सा सेवा देकर उन्होंने एक लंबी और प्रेरणादायक विरासत छोड़ी।उनके निधन पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) डेहरी के अध्यक्ष डॉ. यू. के. सिन्हा और सचिव डॉ. अमिताभ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि “डॉ. बोस एक संस्था थे। उनके जाने से डेहरी के चिकित्सा इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त हो गया।”

स्थानीय विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह, पूर्व विधायक सत्यनारायण सिंह, राजद नेता गुड्डू चंद्रवंशी समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साथ जुड़ी यादों को साझा किया।

चिकित्सा जगत के कई वरिष्ठ डॉक्टरों—डॉ. रागिनी सिन्हा, डॉ. नीलम, डॉ. निर्मल कुशवाहा, डॉ. आर.डी. सिंह, डॉ. उदय कुमार सिन्हा, डॉ. वीरेंद्र, डॉ. नवीन नटराज, डॉ. ओ.पी. आनंद सहित अन्य ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, वे पिछले कुछ महीनों से गोवा में अपनी छोटी पुत्री के साथ रह रहे थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार गोवा में ही किया जाएगा। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्रियां और दो दामाद छोड़ गए हैं।

डेहरी स्थित उनके क्लीनिक पर शोकसभा का आयोजन कर लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। डॉ. सुनील बोस का योगदान और उनकी सेवाएं हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।

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