
डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- कार्यालय प्रतिनिधि। रोहतास जिले में चालक सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। परीक्षा में नकल और सेटिंग कराने की साजिश रच रहे फर्जी मजिस्ट्रेट सहित चार लोगों को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई डीएवी पब्लिक स्कूल कटार, डेहरी स्थित परीक्षा केंद्र पर की गई।
पुलिस के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद तत्काल जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि अशोक कुमार सिंह, जो स्वयं को सचिवालय पटना का वरीय कोषागार पदाधिकारी बता रहा था, दरअसल पटना के महेंद्र स्थित एक कोचिंग संस्थान का शिक्षक है। कड़ी पूछताछ में उसने अपनी पहचान फर्जी होने की बात स्वीकार कर ली।
इस मामले में उसके साथ परीक्षार्थी विकास कुमार, प्रश्न पत्र हल करने वाला सॉल्वर संतोष कुमार और वाहन चालक ललित कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से रोहतास जिला प्रशासन का बोर्ड लगी एक स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त की गई है।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अतुलेश झा ने बताया कि मुख्य सरगना गोलू कुमार फिलहाल फरार है, जो परीक्षार्थी और कथित अधिकारी दोनों से पैसे लेकर परीक्षा सेटिंग की व्यवस्था करता था। उन्होंने बताया कि परीक्षा से एक दिन पहले ही फर्जी अधिकारी द्वारा परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया गया था।
परीक्षा के दिन उसने केंद्र पर तैनात दंडाधिकारी और कर्मचारियों को अव्यवस्था का हवाला देकर डराया-धमकाया और चिन्हित परीक्षार्थी को बाहर बुलाकर मार्गदर्शन करने लगा। करीब आधे घंटे तक परीक्षार्थी की अनुपस्थिति के बाद जब खोजबीन की गई तो वह लौटता हुआ मिला, जिसके ओएमआर शीट पर कई प्रश्न पहले से भरे हुए थे।
जांच के दौरान कथित अधिकारी को नीचे बरामदे में टहलते पाया गया। केंद्राधीक्षक की सूचना पर डेहरी एसडीएम और एएसपी मौके पर पहुंचे और उसके पहचान पत्र व प्राधिकृत कागजात की जांच की, जो पूरी तरह फर्जी निकले। स्कॉर्पियो की तलाशी में सॉल्वर युवक गाड़ी की डिक्की में छिपा हुआ मिला।
एएसपी ने बताया कि आरोपियों से बरामद चार मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जिलों से भी मांगी गई है। पुलिस इस पूरे सॉल्वर गैंग और सिंडिकेट से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।






