फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री बिहार के युवाओं को रोजगार देने और बिहार को विकसित राज्य की ओर आगे लेकर जाने में होगा मददगार: चिराग पासवान

पटना –कार्यालय प्रतिनिधि। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान शनिवार को पटना में विभिन्न कृषि-खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के प्रतिनिधियों और सूक्ष्म उद्यमियों के साथ आयोजित इंडस्ट्री गोलमेज़ बैठकमें बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। बैठक में राज्य के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस बैठक का उद्देश्य राज्य में खाद्य प्रसंस्करण के संभावित अवसरों तथा मेगा फूड इवेंट वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 से संबंधित विषय पर चर्चा करना था।

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने इंडस्ट्री गोलमेज़ बैठकके उपरांत प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पटना में आयोजित इस बैठक का उद्देश्य इंडस्ट्री और मंत्रालय के बीच की दूरी को मिटाना है। ताकि जो कठिनाइयां, जो परेशानियां फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को आती है उसे दूर करने का और कम करने का प्रयास किया जा सके।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हम आगमी 19 से 22 अगस्त तक वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 का आयोजन कर रहे हैं ताकि विदेश से आए लोग अपने टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन करने के साथ-साथ हमारे देश के यंग स्टार्टअप को भी वैश्विक मंच मिल सके। मुझे आशा है कि आज इस बैठक में उपस्थित हुए खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लोग भी इस इवेंट में हिस्सा लेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि जब हम फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स खोलते हैं तो न सिर्फ हमारे किसानों को इसका आर्थिक लाभ होगा बल्कि हमारे राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा और हमारे युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस बिहार में प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने के लिए हम लोग पूरी तरह काम कर रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के एक कृषि प्रधान देश है और बिहार भी कृषि प्रधान राज्य है जहाँ  से मैं ख़ुद आता हूँ इसलिए फ़ूड प्रोसेसिंग की भूमिका और भी बढ़ जाती है । इससे राज्य को विकसित राज्य बनाने के दिशा में आगे लेकर जाना है। इससे बिहार के युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे  और यह बिहार जैसे राज्य को एक विकसित राज्य की ओर आगे लेकर जाने में भी बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Share
  • Related Posts

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पटना। बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) की परियोजना समाशोधन समिति (पीसीसी) ने 23…

    Share

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    एक समय ऐसा था जब सोवियत रूस की क्रांति से हमारे स्वाधीनता सेनानी, खासकर साहित्यकार, गहरे रूप से प्रेरित होते थे। यह परंपरा लंबे समय तक फलती-फूलती रही। लेकिन 1992…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन