आरा में हिंदी साहित्य सम्मेलन आयोजित, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर साहित्यकार और कलाकार सम्मानित

आरा (भोजपुर)। जनहित परिवार भोजपुर के तत्वावधान में डॉ. श्रीनिवास शर्मा की स्मृति तथा ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हिंदी साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जीवन ज्योति नर्सिंग होम, महावीर टोला स्थित आउटडोर सभागार में डॉ. ममता मिश्रा एवं डॉ. किरण कुमारी की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का उद्घाटन युवा एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सेवानिवृत्त निदेशक उदय प्रकाश सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया।

सभा को संबोधित करते हुए उदय प्रकाश सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।” वहीं साहित्यकार जगत नंदन सहाय ने कहा कि “वंदे मातरम् एक संजीवनी मंत्र है, जिसने गुलामी की जंजीरों में जकड़े भारत राष्ट्र को पुनर्जीवित किया।”

इस अवसर पर ‘जनहित परिवार पत्रिका’ के ‘वंदे मातरम् स्वदेशी अंक’ विशेषांक, साहित्यकार डॉ. मीरा सिंह ‘मीरा’ की बाल कविता संग्रह “बकरी अब पढ़ने चल” तथा प्रोफेसर अयोध्या प्रसाद उपाध्याय की भोजपुरी कविता संग्रह पांडुलिपि का विमोचन किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. मीरा सिंह ‘मीरा’ को बाल साहित्य लेखन, प्रो. अयोध्या प्रसाद उपाध्याय को भोजपुरी साहित्य लेखन तथा जय नारायण पांडे को हिंदी कहानी लेखन के लिए ‘जनहित साहित्य अकादमी सम्मान 2026’ से सम्मानित किया गया।

इसके अलावा भोजपुर जिला लोक अभियोजक राणा प्रताप सिंह, अवर निबंधक तारकेश्वर पांडे, सहायक अवर निबंधक रुचि शर्मा सहित कई सामाजिक एवं साहित्यिक हस्तियों को ‘डॉ. श्रीनिवास शर्मा स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित गीत, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरु आदित्य श्रीवास्तव के निर्देशन में स्नेहा पांडेय, इशिता शर्मा, अनिका शर्मा, अनन्या और सिद्धि आनंद ने शास्त्रीय नृत्य शैली में प्रस्तुति दी। वहीं इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय की छात्रा प्रिया कुमारी ने एकल गायन प्रस्तुत किया।

अधिवक्ता दाऊजी पांडे ने बांसुरी पर ‘वंदे मातरम्’ की धुन प्रस्तुत की, जबकि युवा कलाकार सागर सिंह एवं शुभम् सोनी ने गिटार पर युगल प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। देर शाम तक कविता पाठ और गीतों का दौर चलता रहा, जिसमें प्रकाश ओझा, डॉ. रेणु मिश्रा, पूनम कौशल पांडे, अजय सिंह, नंदकिशोर कमल समेत कई कवियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम के अंतिम सत्र में भोजपुर जिले से जुड़े रंगमंच कलाकारों को मेडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित कलाकारों में अनिल सिंह, आरती देवी, अंबुज कुमार, देव मुनि पांडे और सारिका पाठक प्रमुख रहे।

अतिथियों का स्वागत भारतीय जीवन बीमा निगम के विकास पदाधिकारी सुधीर कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नंदकिशोर सिंह कमल एवं सुरेश प्रसाद ने किया।

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