डेहरी-आन-सोन (रोहतास)। जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ एवं यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (यूजीसी-एमएमटीटीसी), कुमाऊँ विश्वविद्यालय, नैनीताल के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित ऑनलाइन अभिमुखीकरण एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 20 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के विभिन्न आयामों, उद्देश्यों तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति प्रशिक्षित एवं जागरूक करना है। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. दीपक बिशला, आईटी विभाग, डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली ने उच्च शिक्षा में तकनीक की भूमिका, डिजिटल नवाचार और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन में सूचना प्रौद्योगिकी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने कॉर्पोरेट एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को तकनीकी हस्तक्षेप की उपयोगिता समझाई।
कार्यक्रम के संरक्षक कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (कर्नल) दीवान एस. रावत तथा गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) जगदीश सिंह हैं। कार्यक्रम का संचालन यूजीसी-एमएमटीटीसी की निदेशक प्रो. दिव्या यू. जोशी और नारायण स्कूल ऑफ लॉ के अधिष्ठाता प्रो. (ले.) रीतेश साह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. संगीता कुमारी एवं सह-समन्वयक डॉ. सैय्यद कलीम अख्तर ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह निःशुल्क है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में उपयोगी साबित होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों एवं शिक्षाविदों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है।




