
पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर 22 फ़रवरी को बिहार के भागलपुर में आयोजित अंग अंगिका साहित्य महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रेत शिल्पकार मधुरेंद्र कुमार को प्रतिष्ठित ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन अंग प्रदेश की भाषा, साहित्य और संस्कृति को समर्पित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन युग चेतना, अंग जन गण, अंग मदद एवं अंगिका सभा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इस संबंध में वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने जानकारी दी कि भारतीय समकालीन कला में विशिष्ट योगदान के लिए मधुरेंद्र कुमार को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

मधुरेंद्र कुमार ने अपनी अद्भुत रेत कला के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकार और मानवीय मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया है। उनकी कलाकृतियों ने विश्व स्तर पर बिहार और भारत की प्रतिष्ठा को नई ऊँचाई दी है।
अंगिका साहित्य महोत्सव में उन्हें ‘दानवीर कर्ण राष्ट्रीय सम्मान’ से अलंकृत किया जाना पूरे बिहार और अंग प्रदेश के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। समारोह में देशभर के साहित्यकार, कलाकार, भाषा प्रेमी और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
विश्व मातृभाषा दिवस पर आयोजित यह आयोजन अंगिका भाषा के संरक्षण, संवर्धन और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।




