राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 3.0 पटना में

पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार, केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए 1 से 30 नवंबर, 2024 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 3.0 आयोजित कर रहा है। इस अभियान में होल ऑफ़ गवर्मेंट एप्रोच अपनाते हुए कई हितधारकों के सहयोग से, देशभर के 800 शहरों/जिलों में शिविर लगाए जा रहे हैं। इसी श्रृंखला में,पटना में भी राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अभियान 3.0 चलाया जा रहा है।

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के परामर्शदाता, लालता प्रसाद पाल एवं यूआईडीएआई पटना के उप निदेशक शशि रंजन ने पटना शहर के अंतर्गत सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया की मुरादपुर, बोरिंग रोड, रुकनपुरा, राजेन्द्र नगर एवं पटना मुख्य शाखा एवं बैंक ऑफ़ इंडिया की वीर चंद पटेल, फतुहा, खगौल , मनेर, नौबतपुर शाखाओं में लगाए गए शिविरों में जाकर, पेंशनभोगियों का जीवन प्रमाणपत्र जनरेट किया और उन्हें विभिन्न डिजिटल तरीकों जैसे फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक आदि के बारे में जानकारी प्रदान की। इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया और इस अभियान को सफल बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।

सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय (पटना) के क्षेत्रीय प्रमुख लक्ष्मी चंद मीणा ने अपने संबोधन में बताया की इसका उद्देश्य जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिये डिजिटल सेवा का लाभ देश के हर पेंशनभोगियों को उपलब्ध कराना है। इससे अति वरिष्ठ, बीमार, अक्षम पेंशनभोगियों को अब ना तो बैंकों का चक्कर लगाना पड़ेगा और ना ही कतार में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ेगा। केंद्र सरकार इसे लेकर काफी गंभीर है। लाभुकों के लिए बैंकों को विस्तृत दिशा-निर्देशों के साथ व्यापक परिपत्र जारी किया है। उप क्षेत्रीय प्रमुख महेंद्र कुमार श्रीवास्तव जी ने अपने संबोधन में बताया की पटना में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुरादपुर, बोरिंग रोड, रुकनपुरा, राजेन्द्र नगर एवं पटना मुख्य शाखा में केंद्र सरकार के पेंशनभोगी एवं अन्य रिटायर्ड कर्मचारियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा 1 से 30 नवंबर तक प्रदान की जाएगी। इसी शृंखला मे बैक आफ इडिया के प्रबंधक पंकज देव ने बताया कि पटना में बैंक ऑफ इंडिया की वीर चंद पटेल, फतुहा, खगौल, मनेर, नौबतपुर शाखाओं में भी केंद्र सरकार के पेंशनभोगियो एवं अन्य रिटायर्ड कर्मचारियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा 1 से 30 नवंबर तक प्रदान की जाएगी। यह अभियान पेंशनभोगियों के लिए वरदान सावित होगा।

केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए और अधिक ‘सुविधापूर्ण जीवन’ सुनिश्चित करने के लिए, नवंबर 2021 में, डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए, फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का शुभारंभ किया गया था। फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक एक ऐसी तकनीक है जिसमें किसी भी एंड्रॉइड आधारित स्मार्ट फोन से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा किया जा सकता है। इस तकनीक से बाह्य बायोमेट्रिक उपकरणों की आवश्यकता समाप्त हो गई है और जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया सुलभ और आसान हो गई है।

वर्ष 2022 में विभाग द्वारा आयोजित अभियान में 1.41 करोड़ से भी अधिक डीएलसी जनरेट किए गए, जिनमें केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के 42 लाख से अधिक डीएलसी जनरेट किए गए। नवंबर, 2023 में 100 शहरों में आयोजित अभियान द्वारा कुल 1.47 करोड़ डीएलसी जनरेट किए गए थे, जिनमें से 45 लाख केंद्र सरकार के पेंशनभोगी द्वारा जनरेट किए गए।

इस वर्ष, बैंकों, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, पेंशनभोगी कल्याण संघों, यूआईडीएआई, मेटी, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और दूरसंचार विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पेंशनभोगी, विशेषरूप से वयोवृद्ध तथा अशक्त पेंशनभोगी अपना जीवन प्रमाणपत्र आसानी से जमा कर सकें। देशभर के विभिन्न शहरों में कई स्थानों पर शिविर लगाए जा रहे हैं और बैंक शाखाओं में कार्मिक अपने स्मार्ट फोन से पेंशनभोगियों को डीएलसी जमा करने में सहायता कर रहे हैं। साथ ही वयोवृद्ध/दिव्यांग/बीमार पेंशनभोगियों के लिए घरों/अस्पतालों में जा कर जीवन प्रमाणपत्र डिजिटल रूप से जमा करने की सुविधा देने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। इस अभियान का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया पर और बैनरों द्वारा भी किया जा रहा है, तथा इसकी निगरानी विभाग द्वारा डीएलसी पोर्टल के माध्यम से की जा रही है ताकि अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

( रिपोर्ट,तस्वीर : पीआईबी (पटना), इनपुट : निशांत राज )

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