नई आशा का नशा मुक्ति अभियान: आरा में जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों की शिक्षा पर जोर

आरा (भोजपुर)। सामाजिक संस्था नई आशा की ओर से उदवंतनगर प्रखंड के चैराई माता शबरी सभागार में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और बच्चों की शिक्षा व बेहतर भविष्य के लिए प्रेरित करना था।मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त, मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग रजनीश कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज को मजबूत बनाना है और बच्चों का भविष्य सुरक्षित रखना है, तो नशे से दूरी बनानी होगी। सरकार का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनजागरण के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।

संस्था नई आशा के संस्थापक डॉ. भीम सिंह भवेश ने कहा कि समाज का वास्तविक उत्थान शिक्षा, आत्मविश्वास और नशामुक्त जीवन से ही संभव है। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी मेहनत की कमाई नशे पर खर्च करने के बजाय बच्चों की पढ़ाई पर लगाए, तभी आने वाली पीढ़ियाँ सम्मान और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ सकेंगी।

कार्यक्रम के दौरान नई आशा के सेतु केंद्र में नियमित रूप से पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रोत्साहन स्वरूप बाल्टी एवं मग वितरित किए गए। वहीं बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बैट, बॉल, कैरम बोर्ड, शतरंज और लूडो जैसी सामग्री समाजसेवी विनोद जी द्वारा प्रदान की गई।

इस अवसर पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ विश्वविद्यालय, एमिटी विश्वविद्यालय, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय व दिल्ली विश्वविद्यालय के इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। विद्यार्थियों ने रैली निकालकर तथा घर-घर जाकर लोगों को नशा छोड़ने और बच्चों को नियमित रूप से सेतु केंद्र भेजने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में मनीष वत्स ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन को सफल बनाने में दीपक कुमार सिंह, कुंदन कुमार सिंह, अजय कुमार, राहुल बच्चन, सुमित कुमार सिंह, सुमित पांडे, अंशु कुमार गुप्ता, सौम्या, सुशांत, अभिनव सिंह और मोहित की सराहनीय भूमिका रही।

Share
  • Related Posts

    “भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में खोता मानसिक सुकून”

    भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़, बढ़ती अपेक्षाएँ और सामाजिक दबाव किस तरह मानसिक सुकून को प्रभावित करते हैं, यह आलेख इसी विषय पर केंद्रित है। इसमें मानसिक शांति, आत्मसंतोष, तनाव…

    Share

    जिला स्तरीय कुश्ती में निहाल हुसैन बने विजेता, प्रमंडल प्रतियोगिता के लिए चयन

    डेहरी ऑन सोन (रोहतास)। शहर के कचौड़ी गली निवासी आजाद हुसैन के पुत्र और नारायण वर्ल्ड स्कूल, जमुहार के छात्र निहाल हुसैन ने जिला स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    “भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में खोता मानसिक सुकून”

    “भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में खोता मानसिक सुकून”

    जिला स्तरीय कुश्ती में निहाल हुसैन बने विजेता, प्रमंडल प्रतियोगिता के लिए चयन

    जिला स्तरीय कुश्ती में निहाल हुसैन बने विजेता, प्रमंडल प्रतियोगिता के लिए चयन

    मौसम की चुनौती से निपटने को युवाओं को स्मार्ट कृषि का प्रशिक्षण, पटना में तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू

    मौसम की चुनौती से निपटने को युवाओं को स्मार्ट कृषि का प्रशिक्षण, पटना में तीन दिवसीय कार्यक्रम शुरू

    ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा डेहरी, महागठबंधन ने किया आक्रोश प्रदर्शन

    ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ के नारों से गूंजा डेहरी, महागठबंधन ने किया आक्रोश प्रदर्शन

    रोहतास के विकास को मिली रफ्तार, बाइपास से जाम से राहत; सोन का पानी और नई टाउनशिप की सौगात

    रोहतास के विकास को मिली रफ्तार, बाइपास से जाम से राहत; सोन का पानी और नई टाउनशिप की सौगात

    2030 तक आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य, युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने से रोकने पर जोर

    2030 तक आत्मनिर्भर बिहार का लक्ष्य, युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने से रोकने पर जोर