सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर आईसीएआर परिसर पटना में गूंजा ‘एकता का संदेश’

पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में आज लौह पुरुष एवं भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस बड़े उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास द्वारा सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता शपथ दिलाने के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान में “रन फॉर यूनिटी” (एकता दौड़) तथा चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें आईएआरआई हब पटना के छात्र और कर्मचारियों के बच्चे शामिल हुए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और अखंडता का संदेश दिया गया।

निदेशक डॉ. अनुप दास ने अपने संबोधन में कहा कि एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूँजी है। जब हम सद्भाव, भाईचारे और सहयोग की भावना से एकजुट होकर कार्य करते हैं, तभी वास्तविक प्रगति संभव होती है। विकास के लिए व्यक्तिगत स्वार्थ का त्याग और सामूहिक भावना का उत्थान आवश्यक है।

उन्होंने सभी कर्मचारियों से राष्ट्र और संस्थान की प्रगति के लिए निष्ठा, एकता और समर्पण की भावना से कार्य करने का आह्वान किया तथा सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी।

कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत डॉ. उज्जवल कुमार, प्रभागाध्यक्ष (सामाजिक-आर्थिक एवं प्रसार) द्वारा की गई, जिन्होंने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया और उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान की चर्चा की।इसके पश्चात डॉ. आशुतोष उपाध्याय, प्रभागाध्यक्ष (भूमि एवं जल प्रबंधन) ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” विषय पर अपनी स्वरचित कविता प्रस्तुत की, जिसमें राष्ट्रीय एकता, समर्पण और भाईचारे का संदेश निहित था।

सत्र के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी पुष्पनायक एवं वित्त एवं लेखाधिकारी रजत कुमार दास ने “शक्तियों का प्रत्यायोजन” विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी और कर्मियों के प्रश्नों का समाधान किया।

इस कार्यक्रम में राँची, बक्सर और रामगढ़ केंद्रों के कर्मी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े, जिससे आयोजन को व्यापक स्वरूप मिला।कार्यक्रम में संस्थान और उसके केंद्रों के लगभग 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अनिर्बन मुखर्जी, वैज्ञानिक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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