संवेदना बनी मानसिक स्वास्थ्य की आशा की किरण, 29वां स्थापना दिवस मनाया

डेहरी -आन-सोन (रोहतास) – निशांत राज। “मानसिक स्वास्थ्य सभी के लिए” का संदेश देते हुए संवेदना न्यूरोसायट्रिक रिसर्च प्रा. लि. ने शुक्रवार को उषा श्याम फाउंडेशन के बैनर तले अपना 29वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संस्थान ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाने, उपचार को सुलभ बनाने और करुणामय समाज बनाने की नई प्रतिबद्धता जताई।

29 वर्ष पहले स्थापित यह संस्थान न केवल डेहरी बल्कि पूरे बिहार, झारखंड और अन्य राज्यों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। तीन दशकों से यह न केवल इलाज और परामर्श दे रहा है, बल्कि मानसिक बीमारियों को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर करने का भी प्रयास करता रहा है।

संस्थापक निदेशक डॉ. उदय कुमार सिन्हा और महाप्रबंधक डॉ. मालिनी राय ने मिशन और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा -“संवेदना मानसिक स्वास्थ्य से जूझ रहे व्यक्तियों और परिवारों के लिए एक आशा की किरण है। हमारा उद्देश्य सुलभ, करुणामय और साक्ष्य-आधारित देखभाल प्रदान करना और आने वाली पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करना है।”

बताया कि अब अस्पताल को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है, जिससे मरीजों को पंजीकरण से लेकर इलाज तक की सुविधा घर बैठे मिल सकेगी। इसके साथ ही निःशुल्क परामर्श और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम की भी शुरुआत की गई है।संस्थान का मानना है कि इस पहल से समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोग बिना किसी झिझक के समय रहते विशेषज्ञ से संपर्क कर सकेंगे। संवेदना इस दिशा में निरंतर कार्यरत है ताकि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता बनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

संवेदना न्यूरोसाइकियाट्रिक रिसर्च प्रा. लि., वर्ष 1996 में स्थापित एक मानसिक स्वास्थ्य संस्थान है। यह मनोरोग, तंत्रिका विज्ञान और मनोवैज्ञानिक सेवाओं का एकीकृत केंद्र है। संस्थान नैदानिक उत्कृष्टता, सामुदायिक पहुँच और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।

स्थापना दिवस पर केक काटकर जश्न मनाया गया और अतिथियों को प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्र एवं बुके भेंटकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ. रागिनी सिन्हा, पूर्व विधायक इं. सत्यनारायण यादव, डॉ. नवीन नटराज, डॉ. रामजी प्रसाद, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज अज्ञानी, उपाध्यक्ष मिथिलेश सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह उर्फ कमल सिन्हा, बरमेश्वर नाथ उर्फ काली बाबू, आलोक सिन्हा, रूपेश राय, इंद्रदेव सिंह, अशरफ उर्फ सिकंदर, सुनील कुमार सिन्हा, ब्रह्मदेव प्रसाद यादव, महेंद्र कुमार सिंह, सुनील मेहता, अमरेंद्र कुमार, केशव हाई स्कूल बारुन के वरिष्ठ शिक्षक, महिला कॉलेज डालमियानगर के वरिष्ठ अध्यापक, समेत अनेक चिकित्सक, शिक्षाविद, अधिवक्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और मीडिया से जुड़े लोग मौजूद रहे।

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