
- राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार दिखेगी शाहाबाद की कला-संस्कृति और विरासत की झलक
- कला, संस्कृति और खान-पान से देश को रूबरू कराना है आयोजन का उद्देश्य
सासाराम (रोहतास)। शाहाबाद प्रक्षेत्र की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी अभियान के तहत इस वर्ष शाहाबाद महोत्सव का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में करने का निर्णय लिया गया है। यह कार्यक्रम आगामी 27 अक्टूबर को संसद भवन के समीप स्थित मावलंकर भवन में आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की कई नामी-गिरामी हस्तियां शामिल होंगी।
इस संबंध में बुधवार को स्थानीय परिसदन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शाहाबाद की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से समिति ने वर्ष 2019 से व्यापक अभियान शुरू किया था। इसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने इस अभियान में प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया की भूमिका को भी प्रशंसनीय बताया।
अखिलेश कुमार ने कहा कि चकाचौंध और आधुनिकता के इस दौर में क्षेत्र की अनेक पारंपरिक कलाएं विलुप्त होने के कगार पर हैं। उनका संरक्षण करना हमारी पीढ़ी की नैतिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से दिल्ली में पहली बार शाहाबाद प्रक्षेत्र की पारंपरिक कला और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी। महोत्सव में गोड़ नाच, कुडुक नृत्य, शिवनारायणी गीत तथा धोबिया-धोबिनिया नाच जैसे प्रमुख लोकनृत्य और संगीत की प्रस्तुतियां होंगी।
उन्होंने बताया कि अपनी अलग और अनूठी पहचान रखने वाले क्षेत्रीय खाद्य पदार्थों की भी प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें चेनारी के गुड़ के लड्डू, बक्सर की पापड़ी, कोआथ का बेलग्रामी और बेतरी के चावल सहित अन्य स्थानीय उत्पाद शामिल होंगे। इसके अलावा देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख महापुरुषों के साथ-साथ ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य स्थलों की तैलचित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, ताकि लोग शाहाबाद की पारंपरिक कला-संस्कृति, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य से रूबरू हो सकें।
अखिलेश कुमार ने कहा कि महोत्सव में राजनीति, प्रशासन, साहित्य, कला-संस्कृति, चिकित्सा और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लोग शामिल होंगे।
इस अवसर पर आयोजन समिति के सचिव सह गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर गोविंद नारायण सिंह ने कहा कि अपनी सभ्यता, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं को संजोए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। इसी सोच को केंद्र में रखकर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के बैनर तले वर्ष 2019 में शुरू किया गया अभियान अब इतिहास रचने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आज शाहाबाद के कैमूर की वादियों से लेकर मैदानी क्षेत्रों—बक्सर, जगदीशपुर और आरा—तक पर्यटन विकास को लेकर जो सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहे हैं, उनमें शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के माध्यम से जारी निरंतर प्रयासों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
श्री सिंह कहा कि इस वर्ष पहली बार दिल्ली में शाहाबाद की कला-संस्कृति, धरोहर और पर्यटन की अपार संभावनाओं की झलक प्रस्तुत किया जाना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण होगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर शाहाबाद की एक व्यापक और सकारात्मक पहचान बनेगी तथा इसकी विरासत और पर्यटन संभावनाओं का संदेश देशभर में पहुंचेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोजन समिति के संजय पासवान, विमल कुमार सिंह, जीएम अंसारी, सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता रणजीत सिंह, आरुणिश पांडेय, क्षितिज कुमार और सरदार परमजीत सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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