राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर ‘फार्मा अन्वेषण–2026’ का सफल आयोजन

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- विशेष संवाददाता। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार स्थित नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी में मंगलवार को राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर “फार्मा अन्वेषण–2026” का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत में फार्मेसी के जनक माने जाने वाले प्रोफेसर महादेव लाल श्रॉफ की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिसमें देश में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा हुई।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष जसुभाई हीराभाई चौधरी रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद सदस्य धर्मेन्द्र सिंह ने की। इस अवसर पर राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर) हाजीपुर की निदेशक प्रो. डॉ. के. रुक्मणी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्य अतिथि जसुभाई हीराभाई चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि वे पहली बार बिहार में इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं। यहां का शैक्षणिक वातावरण अपेक्षा से अधिक सकारात्मक है और उन्हें विश्वास है कि यह सम्मेलन फार्मेसी के क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार की नई दिशा तय करेगा।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के प्रबंध निदेशक एवं औरंगाबाद के विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने आयोजन के सफल संचालन के लिए विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि फार्मेसी के जनक प्रोफेसर एम. एल. श्रॉफ के अमूल्य योगदान को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने फार्मेसी जगत से जुड़े लोगों से इस दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर मुहिम चलाने और सरकार से पहल करने की अपील की।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह तथा प्रतिकुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने भी छात्रों को संबोधित करते हुए फार्मेसी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें अनुसंधान तथा नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली के ईसी सदस्य धर्मेन्द्र सिंह, सीसी सदस्य डॉ. कुमार अजय, कुलसचिव आलोक प्रताप तथा परीक्षा नियंत्रक सुदीप कुमार सिंह ने भी आयोजन की सराहना करते हुए छात्रों को शुभकामनाएँ दीं।कार्यक्रम के संयोजक नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के डीन-कम-प्रिंसिपल डॉ. धर्मेन्द्र कुमार रहे, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया।

इस आयोजन में बिहार के विभिन्न जिलों—सीतामढ़ी, सिवान, बक्सर, गया, औरंगाबाद, पटना, मुजफ्फरपुर तथा सहरसा से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कुल 660 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।कार्यक्रम के अंतर्गत पोस्टर प्रेजेंटेशन, ओरल प्रेजेंटेशन और मॉडल प्रेजेंटेशन जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पोस्टर प्रेजेंटेशन के लिए 16 प्रतिभागियों तथा ओरल प्रेजेंटेशन के लिए 5 प्रतिभागियों का चयन किया गया, जबकि 2 मॉडल प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किए गए।

कार्यक्रम में फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। अतिथियों ने छात्रों को फार्मेसी के क्षेत्र में शोध, तकनीकी विकास और उद्योग जगत से जुड़कर काम करने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों और छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों ने इसे फार्मेसी शिक्षा और शोध को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बताया।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, जीएनएसयू)

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