कृषि में तकनीक की भूमिका पर मंथन,मुजफ्फरपुर में पीआईबी की ‘वार्तालाप’ कार्यशाला

मुजफ्फरपुर। पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), पटना द्वारा स्थानीय पत्रकारों के लिए “कृषि विकास में प्रौद्योगिकी की भूमिका: विकसित भारत @ 2047” विषय पर एकदिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन मुजफ्फरपुर (नगर) के विधायक रंजन कुमार ने किया। इसमें जिले के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक रंजन कुमार उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में आईसीएआर–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विकास कुमार दास तथा पीआईबी एवं सीबीसी के उपनिदेशक लौकिक पारख शामिल हुए। अतिथि वक्ताओं में देवेंद्र प्रसाद (एआरओ, मिट्टी जांच प्रयोगशाला), आभा कुमारी (जिला उद्यान पदाधिकारी), चंद्रदीप कुमार (सहायक निदेशक, पौधा संरक्षण) एवं विनोद कुमार सिंह (उप परियोजना निदेशक, आत्मा) ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

कार्यशाला का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उनके प्रभाव तथा “विकसित भारत @ 2047” के लक्ष्य में उनकी भूमिका के प्रति मीडिया को जागरूक करना था। इस दौरान कृषि नवाचार, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, ड्रोन तकनीक एवं सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार में मीडिया की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई।उद्घाटन सत्र में विधायक रंजन कुमार ने कहा कि मुजफ्फरपुर अपनी शाही लीची के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है और केंद्र सरकार आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने जिले में लीची प्रोसेसिंग इकाइयों के विस्तार पर भी जोर दिया।आईसीएआर–राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक विकास कुमार दास ने लीची उत्पादन में प्रूनर मशीन, पेड़ों की ऊंचाई नियंत्रण एवं ड्रोन से छिड़काव के लाभों पर प्रकाश डाला।

देवेंद्र प्रसाद ने मृदा स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करते हुए जैविक खाद एवं नियमित मृदा परीक्षण पर बल दिया। आभा कुमारी ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप एवं स्प्रिंकलर तकनीकों के उपयोग और इसके लाभ की जानकारी दी। वहीं, चंद्रदीप कुमार ने कृषि में ड्रोन तकनीक के उपयोग और डीबीटी बिहार पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी।

विनोद कुमार सिंह ने लीची उत्पादन और मधुमक्खी पालन के आपसी संबंध को समझाते हुए आधुनिक फल पकाने वाले कक्ष (राइपनिंग चैंबर) के उपयोग की सलाह दी।

कार्यशाला के दौरान एक प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें पत्रकारों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपने सवालों के समाधान प्राप्त किए।

कार्यक्रम का संचालन पीआईबी के अभिनव कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश कुमार सिंह ने दिया। इस अवसर पर विभाग के ज्ञान प्रकाश, संदीप कपूर एवं मुकेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा शुक्रवार को पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड अंतर्गत सिल्हौरी-बिल्हौरी पंचायत के सिल्हौरी गांव में “संतुलित उर्वरक उपयोग…

    Share

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। प्रसिद्ध चिकित्सक और डेहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के पर्याय माने जाने वाले डॉ. सुनील बोस का गुरुवार को गोवा स्थित उनके पुत्री के आवास पर निधन…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव