कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में प्रेस वार्ता के साथ स्वच्छता पखवाड़ा संपन्न


पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर ) के कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत 16 से 31 दिसंबर 2025 तक आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा का समापन प्रेस वार्ता एवं समीक्षा बैठक के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. कमल शर्मा ने की।
अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. कमल शर्मा ने कहा कि स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत आयोजित स्वच्छता पखवाड़ा ने संस्थान में सकारात्मक एवं प्रेरक वातावरण का निर्माण किया है। उन्होंने स्वच्छता समिति सहित संस्थान के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ कार्यस्थल न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से आवश्यक है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण कृषि अनुसंधान के लिए भी अनिवार्य है। उन्होंने स्वच्छता को संस्थान की सीमाओं से आगे समाज तक जोड़ने तथा इसे एक सतत प्रक्रिया के रूप में अपनाने की अपील की।
उन्होंने यह भी बताया कि इस अवधि में संस्थान के कृषि प्रणाली का पहाड़ी एवं पठारी अनुसंधान केंद्र, राँची, कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ एवं कृषि विज्ञान केंद्र, बक्सर में भी स्वच्छता पखवाड़ा के कार्यक्रम उत्साहपूर्वक आयोजित किए गए।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. रजनी कुमारी, अध्यक्ष, स्वच्छता अभियान द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने 16 से 31 दिसंबर 2025 के दौरान आयोजित स्वच्छता संबंधी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पखवाड़े के दौरान संस्थान परिसर में व्यापक स्वच्छता अभियान, श्रमदान, स्वच्छता शपथ, कचरा प्रबंधन, प्लास्टिक मुक्त परिसर की पहल, स्वच्छता कार्यशालाएँ, जागरूकता कार्यक्रम, हस्ताक्षर अभियान, कार्यालयों, प्रयोगशालाओं, राष्ट्रीय किसान दिवस तथा सार्वजनिक स्थलों की सफाई जैसी अनेक गतिविधियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य कर्मचारियों, छात्रों एवं आगंतुकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर डॉ. ए. के. चौधरी, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. मणिभूषण, प्रधान वैज्ञानिक तथा श्री पुष्पनायक, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सहित संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने स्वच्छता के महत्व एवं इसके सामाजिक प्रभाव पर अपने विचार साझा किए।
डॉ. धीरज कुमार सिंह, नोडल अधिकारी (मीडिया) ने जानकारी दी कि संस्थान द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, जागरूकता अभियानों एवं गाँवों में किसानों के साथ संवाद कार्यक्रमों में स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष रूप से जानकारी दी जाती है।
अंत में उमेश कुमार मिश्र, सदस्य सचिव (मीडिया) ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, स्वच्छता अभियान से जुड़ेI

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