पूर्वी चंपारण के कृषि प्रसार कर्मियों को फसल विविधीकरण पर प्रशिक्षण

पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना एवं कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी जिले के पिपराकोठी में कृषि प्रसार कर्मियों के लिए “फसल विविधीकरण की कार्य प्रणाली” विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम में लगभग 20 प्रसार कर्मियों के साथ 5 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

इस परियोजना के प्रधान अन्वेषक एवं फसल अनुसंधान प्रभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए फसल विविधीकरण के महत्व एवं विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने समेकित कृषि प्रणाली द्वारा उत्पादकता एवं आय में वृद्धि पर चर्चा की।

कृषि विज्ञान केंद्र, पिपराकोठी के अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार सिंह ने प्रसार कर्मियों को संबोधित करते हुए इस परियोजना की सफलता के लिए उपयुक्त गाँवों के चयन पर बल दिया।प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शिवानी ने जलवायु परिवर्तन के परिप्रेक्ष्य में फसल विविधीकरण की उपयोगिता को विस्तार से समझाया।

वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक कुमार ने फसल विविधीकरण में कृषिवानिकी के समावेश पर जोर दिया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मोतिहारी के जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनीष कुमार शामिल रहे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा भी विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिया जाएगा। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के निदेशक डॉ. अनुप दास के मार्गदर्शन में चल रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन 20 मार्च 2025 को होगा। यह कार्यक्रम कृषि प्रसार कर्मियों और किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा, जिससे क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

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