कृषि अनुसंधान परिसर, पटना में विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का उत्साहपूर्वक आयोजन

पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ थीम पर विश्व पर्यावरण दिवस 2025 का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के कर्मचारियों एवं सफाई मित्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण को स्वच्छ एवं हरित बनाने हेतु सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने संस्थान परिसर के साथ-साथ परिसर के बाहर सफाई कर स्वच्छता एवं जनभागीदारी का संदेश दिया। बाल प्रतिभागियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कक्षा 3 से 6 तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता तथा कक्षा 7 से 10 तक के विद्यार्थियों के लिए निबंध लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। ये प्रतियोगिताएँ विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की थीम — ‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ पर आधारित थीं। बच्चों ने रचनात्मकता एवं संवेदनशीलता के साथ अपने विचारों को प्रस्तुत किया।इस अवसर पर पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के लिए महिला किसानों के बीच जूट के थैले वितरित किए गए, जिससे प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाई जा सके।

संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने अपने संबोधन में कहा, “पर्यावरण की सुरक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। कृषि अनुसंधान संस्थान के रूप में हमारा लक्ष्य है पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ कृषि प्रणालियों का विकास करना, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और किसानों का जीवन स्तर ऊंचा उठ सके। इस पर्यावरण दिवस पर हम सब मिलकर हरित और स्वच्छ भविष्य के लिए प्रतिबद्ध हों।”

कार्यक्रम में संस्थान के विभिन्न प्रभागों प्रभागाध्यक्षगण डॉ. कमल शर्मा, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. उज्ज्वल कुमार सहित अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारीगण भी उपस्थित थे, जिन्होंने कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता दी | कार्यक्रम का सफल समन्वय डॉ. पी. सी. चन्द्रन, डॉ. रोहन कुमार रमण, डॉ. रचना दुबे, संजय राजपूत, उमेश कुमार मिश्र एवं विजय बाबु द्वारा किया गया, जिनके प्रयासों से सभी गतिविधियाँ प्रभावी रूप से संपन्न हुईं।

Share
  • Related Posts

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पटना। बिहार में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) की परियोजना समाशोधन समिति (पीसीसी) ने 23…

    Share

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    एक समय ऐसा था जब सोवियत रूस की क्रांति से हमारे स्वाधीनता सेनानी, खासकर साहित्यकार, गहरे रूप से प्रेरित होते थे। यह परंपरा लंबे समय तक फलती-फूलती रही। लेकिन 1992…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    बिहार में औद्योगिक निवेश को बड़ी रफ्तार, 23 नई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    पुस्तक समीक्षा: युद्ध, पीड़ा और मनुष्य होने की कहानी- “इंसान का नसीबा”

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को वैज्ञानिक कृषि तकनीकों की जानकारी

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    मंगोलिया में बुद्ध के प्रमुख शिष्यों के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी संपन्न

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    पीएनसी लापरवाही पर भीम आर्मी का प्रदर्शन, डीएम को ज्ञापन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन

    अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मान से सम्मानित हुए अरविंद चित्रांश, कायस्थ महासभा ने किया अभिनंदन