प्लास्टिक प्रदूषण को हारने को लेकर लिया गया शपथ

  • केंद्रीय संचार ब्यूरो भारत सरकार, पटना द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के थीम “प्रदूषण प्लास्टिक को समाप्त करना” पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन

पटना -कार्यालय प्रतिनिधि। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर केंद्रीय संचार ब्यूरो, प्रादेशिक कार्यालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, पटना द्वारा सभागार कक्ष में गुरुवार को प्रदूषण प्लास्टिक को समाप्त करना” थीम पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उदघाटन मुख्य अतिथि सलमान हैदर, समाचार प्रमुख, दूरदर्शन न्यूज़ बिहार और सीबीसी, पटना के उपनिदेशक संजय कुमार, ने संयुक्त रूप से किया गया। इस परिचर्चा का मुख्य उद्देश्य लोगों को सिंगल यूज प्लास्टिक का त्याग करके अनुकूल विकल्प जैसे पत्ते का प्लेट, जूट का थैला आदि को ज्यादा से ज्यादा प्रयोग में लाना। परिचर्चा में सिंगल यूज प्लास्टिक के खतरों से लोगों को अवगत कराया गया साथ ही साथ इसके विकल्प को अपनाने के लिए अपील भी किया गया। परिचर्चा के दौरान विभाग के अधिकारी और सहयोगियों द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक को त्याग करने लिए शपथ भी लिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सलमान हैदर ने अपने वक्तव्य में बताया कि किस प्रकार प्लास्टिक का दुष्प्रभाव पशुओं, विशेषकर गायों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्लास्टिक अपशिष्ट शहरी बाढ़ जैसी समस्याओं का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। उन्होंने कहा, “संकट गहरा है, लेकिन समाधान सरल है — हमें अपनी आदतों में बदलाव लाना होगा।”कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीबीसी, पटना के उपनिदेशक संजय कुमार ने प्लास्टिक के इतिहास से लेकर वर्तमान स्थिति तक की एक तथ्यपरक और व्यापक प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्लास्टिक, जो कभी आधुनिकता की पहचान था, आज पारिस्थितिकीय संतुलन, जैव विविधता एवं मानव स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। उन्होंने प्लास्टिक के सामाजिक, पर्यावरणीय एवं जैविक दुष्प्रभावों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया तथा दक्षिण कोरिया जैसे देशों के प्रभावी उपायों की जानकारी दी, जहाँ कानून, जनसहभागिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से प्लास्टिक अपशिष्ट का सफल नियंत्रण किया गया है।परिचर्चा में पीआईबी, पटना के सहायक निदेशक कुमार सौरभ ने व्यवहार परिवर्तन और वैश्विक प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी), यूएनएफ्सीसीसी और सीओपी-15 (पेरिस संधि) जैसे वैश्विक मंचों की पहलों का उल्लेख करते हुए “पॉसिबिलिज़्म” की अवधारणा पर ज़ोर दिया — कि किस प्रकार मानवीय क्रियाएं पर्यावरणीय स्थितियों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए दूरदर्शन न्यूज़, पटना के न्यूज़ एडिटर जावेद अख्तर अंसारी ने स्थानीय समाधानों और जनभागीदारी की महत्ता पर बल देते हुए अनुकूल विकल्प को व्यवहार में लाने का अपील किया।कार्यक्रम का संचालन विभाग के अमरेन्द्र कुमार और धन्यवाद ज्ञापन प्रकाश कुमार सिंह द्वारा किया गया। मौके पर विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहें साथ ही साथ सीबीसी, बिहार क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालयों के सभी अधिकारी और कर्मचारी ऑनलाईन माध्यम से परिचर्चा में लिए।

Share
  • Related Posts

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    पटना। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा शुक्रवार को पटना जिले के दुल्हिन बाजार प्रखंड अंतर्गत सिल्हौरी-बिल्हौरी पंचायत के सिल्हौरी गांव में “संतुलित उर्वरक उपयोग…

    Share

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। प्रसिद्ध चिकित्सक और डेहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के पर्याय माने जाने वाले डॉ. सुनील बोस का गुरुवार को गोवा स्थित उनके पुत्री के आवास पर निधन…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    सिल्हौरी गांव में संतुलित उर्वरक उपयोग व प्राकृतिक खेती पर जागरूकता कार्यक्रम

    लाखों मरीजों के ‘मसीहा’ डॉ. सुनील बोस का निधन, डेहरी समेत पूरे शाहाबाद में शोक की लहर

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    यूजीसी-नेट जून 2026 के लिए आवेदन शुरू, एनटीए ने जारी की अधिसूचना

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    जीएनएसयू में “आईबीएम दिवस 2026 – टेक्नोवेट 2.0” का भव्य आयोजन, नवाचार और एआई पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    संतुलित उर्वरक उपयोग से समृद्ध खेती की ओर

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव

    बिहार बीएड सीईटी -2026 के लिए आवेदन शुरू, 18 मई तक मौका, 7 जून को परीक्षा संभव