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जेईई में संतपाल के गौरव और आदित्य हुए कामयाब

सासाराम (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। जेईई फाइनल में संतपाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल के छात्र रहे गौरव कुमार को ओबीसी कैटिगरी में 1274वां तथा पूरे देश के सीआरएल में 7312वां रैंक प्राप्त हुआ है। इसी विद्यालय के आदित्य राज ने नीट (नेशनल विजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट) में आल इंडिया रैंकिंग में 7181 तथा ओबीसी कैटिगरी में 2481वां रैंक प्राप्त किया है। गौरव कुमार को इस परीक्षा में मिली कामयाबी में फिजिक्स पेपर-एक में 25 अंक और पेपर-दो में 11 अंक, केमिस्ट्री पेपर-एक में 36 तथा पेपर-दो में 31 अंक, मैथेमेटिक्स पेपर-एक में 17 और पेपर-दो में 23 अंक मिले हैं।

इस प्रकार गौरव कुमार ने पेपर-1 में कुल अंक 78 और पेपर-2 में 65 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की है। जबकि आदित्य राज ने फिजिक्स में 99 फीसदी, केमिस्ट्री में 99 फीसदी, बायोलाजी में 98 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। इन्हें कुल 720 अंकों में 603 अंक मिले हैं। जेईई एडवांस की परीक्षा 27 मई को हुई थी, जिसका परिणाम आईआईटी, रूड़की ने 14 जून को जारी किया।

जेईई एडवांस की परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाले गौरव कुमार रोहतास जिला के कोचस प्रखंड के अमेहता गांव के रहने वाले हंै और उन्होंने शैक्षणिक संस्था संतपाल सीनियर सेकेेंडरी स्कूल से बारहवीं तक की शिक्षा हासिल की थी। गौरव कुमार के पिता उमाशंकर सिंह प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं तथा मां मंजू देवी गृहणी हैं। गौरव कुमार ने सफलता के लिए अपने माता-पिता के साथ अपने दादा गोपाल सिंह और संतपाल स्कूल के चेयरमैन डा. एसपी वर्मा को दिया है। उन्होंने अपनी मेहनत के साथ अपने शिक्षक-शिक्षिकाओं को मेहनत के लिए भी आभार व्यक्त किया है। अपने स्कूल के दोनों छात्रों की इस सफलता पर संतपाल स्कूल के चेयरमैन डा. एसपी वर्मा, प्रबंधक रोहित वर्मा, प्राचार्या आराधना वर्मा और गांव के लोगों ने भी बधाई दी है।
(रिपोर्ट, तस्वीर : अर्जुन कुमार, मीडिया प्रभारी, संतपाल स्कूल)

 

भोजपुरी कला-संस्कृति भारत भूमि की धरोहर : प्रो. अमरेन्द्र

बिक्रमगंज (रोहतास)-सोनमाटी संवाददाता। डा. नागेंद्र झा महिला कालेज में भोजपुरी उत्थान को समर्पित संस्था आखर और सर्जना न्यास की ओर से भोजपुरी संस्कृति-कला पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए महिला कालेज के प्राचार्य प्रो. अमरेन्द्र मिश्र ने कहा कि भोजपुरी संस्कृति के संरक्षण के बिना भोजपुरी समाज की प्रतिष्ठा नहीं हो सकती। भोजपुरी संस्कृति भारत भूमि की धरोहर है। इसे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से भरसक बचाए जाने का प्रयास होना चाहिए। हालांकि संस्कृतियों के अतिक्रमण-सम्मिलन मानव इतिहास-यात्रा की अपरिहार्य घटनाएं होती हैं। अपनी भोजपुरी अस्मिता पर भोजपुरी भाषियों को स्वाभिमान होना चाहिए। पूर्व बैंक अधिकारी दिनेश कुमार त्रिपाठी ने भोजपुरी भाषा को संविधान के अंतर्गत में मान्यता देने की मांग उठाई। आखर के सदस्य चिंटू सिंह ने भोजपुरी कला के संरक्षण में सोशल मीडिया के प्रभाव को रेखांकित किया। मुंबई से आए भोजपुरी आंदोलन में शामिल सदस्य कुमार मनीष ने कहा कि सभी को अपनी मातृभाषा और संस्कृति पर गर्व होना चाहिए। सोनू पांडे ने कहा कि भोजपुरी गीतों और सिनेमा में अश्लीलता का सार्वजनिक रूप से विरोध होना चाहिए। भोजपुरी चित्रकला के प्रोत्साहन और भोजपुरी कला यात्रा के क्षेत्र में होने वाले कार्यों के बारे में रविप्रकाश सूरज ने बताया। गोष्ठी का संचालन सुनील पांडेय ने किया। आरंभ में आखर और सर्जना न्यास की गतिविधियों के बारे में सर्जना न्यास के अध्यक्ष भोजपुरी चित्रकार संजीव सिन्हा ने जानकारी दी। इस अवसर पर महिला कालेज की छात्राओं ज्योति, सुशीला, निधि और सविता ने पारंपरिक भोजपुरी गीत गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आखर द्वारा प्रकाशित भोजपुरी स्वाभिमान कैलेंडर 2019 का लोकार्पण भी किया गया और आगत अतिथियों को कैलेंडर दिए गए। कार्यक्रम के अंत में बिक्रमगंज और वाराणसी में भोजपुरी कला यात्रा का आयोजन करने की घोषणा की गई। अंत में सर्जना न्यास के कौशलेश पांडेय ने धन्यवाद-ज्ञापन किया।
(रिपोर्ट : कौशलेश पांडेय)

 

देवा सिंह को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि

बारुण (औरंगाबाद)-सोनमाटी समाचार। समाजसेवी देवनंदन सिंह उर्फ देवा सिंह की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि गोष्ठी का आयोजन कर उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण-पुष्पार्पण किया गया। प्रो. रामनरेश सिंह ने कहा कि देवा सिंह ने अपने जीवन में कल्याण के कई कार्य किए और स्वतंत्रता सेनानी केशव बाबू का नाम रौशन किया। जदयू प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार, डा. धर्मेंद्र कुमार, संजीव कुमार उर्फ पिंकू सिंह, मनीष कुमार उर्फ मंटू सिंह, प्रो. रामनरेश सिंह, रघुनंदन सिंह आदि ने माल्यार्पण किया।

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