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सामुदायिक हिंसा में 150 गिरफ्तार, पत्रकार हत्याकांड में मुख्य आरोपी अरेस्ट

पटना/भोपाल/औरंगाबाद/आरा/डेहरी-आन-सोन (सोनमाटी समाचार)। बिहार के औरंगाबाद और समस्तीपुर जिलों में हुई सामुदायिक हिंसा के मामलों में अब तक डेढ़ सौ से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की गई है। उधर, मध्य प्रदेश में बालू माफिया के शिकार पत्रकार हत्याकांड और बिहार के भोजपुर में पत्रकार हत्याकांड के अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भिंड के पत्रकार की हत्या के बाद जारी भारी विरोध के मद्देनजर सीबीआई जांच की घोषणा की है।

 

औरंगाबाद उपद्रव में 500 आरोपी
बिहार में औरंगाबाद के डीएम रंजन महिवाल के अनुसार,  स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पहचानकर उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। अफवाहों को रोकने के लिए इंटरनेट सेवा अस्थाई तौर पर बंद की गई है। हिंसा से जुड़ी तीन एफआईआर में 500 से अधिक लोगों पर आरोप लगाया गया है। रामनवमी जुलूस के दौरान औरंगाबाद में शरारती तत्वों के उपद्रव पर प्रशासन ने काबू पा लिया है। उपद्रवियों ने औरंगबाद शहर के महाराजगंज बाजार की कुछ दुकानों में तोडफ़ोड़ करने के बाद आग लगा दी थी। एहतियात के तौर पर शहर में 26 मार्च की शाम से कफ्र्यू लागू किया गया।

रामनवमी का जुलूस पर पथराव, उसके बाद आगजनी, हिंसा

दोपहर शहर के जामा मस्जिद इलाके से रामनवमी का जुलूस गुजर रहा था, उस पर पथराव हुआ, उसके बाद फिर हिंसा भड़क गई। आगजनी की घटनाएं हुईं। दर्जन दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। दस लोग घायल हुए। तीन लोगों को गोली लगी, एक की हालत गंभीर है।

26 मार्च को इस सवाल पर विधानसभा में भी चर्चा हुई। विपक्ष ने औरंगाबाद में लगे कथित कर्फ्यू पर सवाल उठाया। कर्फ्यू के सवाल पर मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि औरंगाबाद में कर्फ्यू नहीं लगाया गया है और न पुलिस की तरफ़ से गोलीबारी हुई है।

कोई मौत नहीं : पुलिस महानिदेशक
औरंगाबाद में रामनवमी जुलूस के दौरान असामाजिक तत्वों द्वारा उपद्रव की घटनाओं के बाद अब तक डेढ़ सौ से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वरीय पदाधिकारियों ने शहर में शिविर डाल रखा है। औरंगाबाद में बिहार के पुलिस महानिदेशक डीजी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई जारी है। घटना में किसी की भी मौत नहीं हुई है और शहर के माहौल को बिगाडऩे के लिए इस तरह की खबर असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही है।
समस्तीपुर में तनाव बरकरार, मगर स्थिति नियंत्रण में
बिहार के समस्तीपुर के रोशेरा पुलिस थाना क्षेत्र में एक मस्जिद पर कथित रूप से पत्थर फेंके जाने को लेकर तनाव बरकरार है, मगर स्थिति नियंत्रण में है। 25 मार्च को मस्जिद के पास एक मूर्ति विसर्जन जुलूस पर चप्पल फेंके गए थे, जिसके जवाब में 26 मार्च को कथित पत्थरबाजी की गई। हालांकि पुलिस का कहना है कि जुलूस मस्जिद के करीब से जा रहा था कि चप्पल की एक जोड़ी गलती से एक घर की छत से जुलूस पर गिर गई। इस मामले में जदयू के महासचिव केसी त्यागी ने सहयोगी दल भाजपा को यह संदेश भेजा है कि भाजपा के लोग ऐसी गतिविधि में शामिल न हो या समर्थन न करे जिससे विपक्ष को सत्तारूढ़ गठबंधन वाली सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल सके।

गड़हनी पत्रकार हत्याकांड में पूर्व मुखिया गिरफ्तार
बिहार के भोजपुर जिले के गड़हनी थाना क्षेत्र में दो पत्रकारों की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पूर्व मुखिया के पति को गिरफ्तार करने के बाद उसके पुत्र बब्लू को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरा-डेहरी मुख्य मार्ग पर नहसी पुल के समीप 25 मार्च की रात अनियंत्रित स्कार्पियो की टक्कर से बाइक पर सवार पत्रकारों (बगवां गांव के निवासी नवीन निश्चल और विजय सिंह) की मौत मौके पर ही मौत हो गई। गड़हनी बाजार में मृत नवीन निश्चल की हरसू के साथ किसी खबर पर बहस हुई थी।

नवीन निश्चल के भाई राजेश कुमार ंिसह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में खबर पर बहस या खबर के संबंधित विषय की चर्चा नहीं है। गिरफ्तार हरसु एवं उसके पुत्र बब्लू के खिलाफ चरपोखरी थाने में वर्ष 2013 में तीन केस दर्ज कराए गए थे, जिनमें दंगा फैलाने की साजिश करने, मारपीट के मामले थे। वर्ष 2017 में चरपोखरी थाने में केस दर्ज किया गया। हरसू के मादक पदार्थों की तस्करी, जमीन कब्जा करने के कई विवाद जुड़े रहे हैं।
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार के अनुसार, गड़हनी के पूर्व मुखिया के पति अहमद अली उर्फ हरसू मियां और उसके पुत्र पर प्राथमिकी दर्ज की गई। भोजपुर के पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एसआईटी का गठन कर जांच जारी है। पटना रेंज के पुलिस महानिरीक्षक नैयर हसनैन खान मामले पर नजर रखे हुए हैं।

जगह-जगह विरोध जारी
भोजपुर जिले के पत्रकारों की हत्या के विरोध में भोजपुर जिले के आरा और पड़ोसी रोहतास जिले के सासाराम, डेहरी-आन-सोन में पत्रकारों की ओर से विरोध जुलूस निकाल कर हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने व पत्रकारों की सुरक्षा की मांग की गई।

भिंड में पत्रकार हत्या का आरोपी अरेस्ट
उधर, बिहार के दक्षिणी सीमांत जिले रोहतास के बिंध्य-कैमूर पर्वतीय क्षेत्र से जुड़े मध्य प्रदेश के भिंड में अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले पत्रकार संदीप शर्मा हत्याकांड में विशेष टीम का गठन कर जांच जारी है। कुचलने वाले ट्रक के नवयुवा ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसके पास भारी वाहन चलाने का लाइसेंस नहींहै। संदीप की हत्या के पीछे बालू माफिया और पुलिस अधिकारियों के गठजोड़ का शक है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सीबीआई जांच का ऐलान किया है।

चार महीने पहले पत्र लिखकर किया था आगाह
26 मार्च की सुबह भिंड कोतवाली के पास ट्रक ने मोटरसाइकिल पर जा रहे न्यूज चैनल के पत्रकार संदीप शर्मा को कुचल दिया था। संदीप शर्मा ने चार महीने पहले कलक्टर से प्रधानमंत्री तक को लिखे पत्र में जान पर खतरा होने की बात कही थी और सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उन्होंने लिखे पत्र में पुलिस अफसर का नाम भी लिखा था। संदीप और पुलिस अधिकारी के बीच हुई बातचीत का ऑडियो टीवी चैनलों पर प्रसारित हुआ था, जिसके बाद संलिप्त पुलिस अधिकारी का तबादला कर दिया गया था।

 

 

26 साल पहले मारपीट में मौत, तीन को उम्रकैद
डेहरी-आन-सोन (सोनमाटी समाचार)। 26 वर्ष पहले बिहार के रोहतास जिले के डालमियानगर थाना क्षेत्र के मथुरापुर कॉलोनी में खूटा गाडऩे को लेकर हुए विवाद में एक की जान चली गयी थी। उस मामले (सत्र वाद सं. 460/1992) में सासाराम जिला न्यायालय के रविन्द्रमणि त्रिपाठी की कोर्ट ने अरुण सिंह, श्रीभगवान सिंह व बैजनाथ सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 6 जनवरी 1992 को दिन में मथुरापुर के भगत सिंह घर के पास की जमीन पर भैस बाँधने के लिए खूटा गाड रहे थे, जिसका विरोध आरोपी कर रहे थे। बात इतनी बढ़ गयी कि मारपीट हुई, लाठियों चली और इसमें गंभीर रूप से घायल भगत सिंह की मौत हो गयी। इस मामले में खोभारी सिंह ने डालमियानगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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