मंगल से पृथ्वी को मिलने लगी हाल-चाल/ विद्या निकेतन ने की सहायता कोष की घोषणा

लाल ग्रह से मिलने लगी तस्वीरें, अब उड़ेगा हेलीकाप्टर

मंगल ग्रह से अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के रोवर स्पेसक्राफ्ट परसवरेंस ने तस्वीरें भेजनी शुरू कर दी है। परसवरेंस के साथ गए नन्हें हेलीकाप्टर को उड़ाकर लाल ग्रह मंगल की सतह और वायुमंडल में उड़ान भरने की तकनीक के तरीके की खोज की जानी है। हेलीकाप्टर की उड़ान सफल होती है तो यह पृथ्वी के अलावा किसी दूसरे ग्रह-उपग्रह पर उड़ान भरने वाला पहला रोटरक्राफ्ट होगा। हेलीकाप्टर मुख्य रोवर के साथ 30 से 60 दिनों तक रहेगा। रोवर में लगा इलेक्ट्रिकल बाक्स हेलीकाप्टर और धरती के बीच होने वाले संचार को संग्रहित करेगा। पृथ्वी (नासा संचालन केेंद्र) से हेलीकाप्टर में लगे हीटर को जरूरत के अनुसार चालू-बंद (आन-आफ) किया जाएगा और इसकी बैटरी भी रिचार्ज की जाएगी, ताकि मंगल के बेहद सर्द वातावरण में हेलीकाप्टर का सटीक संचालन होता रहे। फिलहाल रोवर परसवरेंस को उसकी पावर सप्लाई सिस्टम से ऊर्जा मिल रही है। मंगल पर रात का तापमान -90 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। हेलीकाप्टर कुछ दूर की भी उड़ान भर लेता है माना जाएगा कि नासा का यह मंगल मिशन 90 फीसदी सफल हो गया।
मंगल पर उडऩे वाले रोटरक्राफ्ट को भेजे जाने की जरूरत इसलिए पड़ी है कि वहां की अनदेखी-अनजानी सतह बेहद ऊबड़-खाबड़ है। मंगल ग्रह की चारों ओर चक्कर लगा रहा आर्बिटर स्पेसक्राफ्ट एक सीमा तक ही साफ देख सकता है। जमीन पर रेंगने-घूमने वाले रोवर स्पेसक्राफ्ट के लिए भी उबड़-खाबड़ जमीन पर हर जगह और हर कोने तक पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में उड़ान भरने वाला और उड़कर दुर्गम जगह पर जा सकने वाला रोटरक्राफ्ट ही मंगल ग्रह के मनचाहे स्थान की खबर दे सकता है और बेहतर तस्वीरें ले सकता है। परवरेंस स्पेसक्राफ्ट के साथ भेजे गए इस हेलीकाप्टर का वजन दो किलो है। अभी तक मंगल ग्रह पर अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा का ही स्पेसक्राफ्ट ही उतर सकने में सफल रहा है। भारत की ओर से भी 2019 में मंगल मिशन भेजा गया था, जो मंगल तक सफलतापूर्वक पहुंचा, मगर मंगल ग्रह के वायुमंडल में पहुंचने के बाद उसका संपर्क पृथ्वी (भारतीय स्पेस एजेसी इसरो) से भंग हो गया और वह वह कहीं खो गया।
-सोनमाटी समाचार नेटवर्क

संवेदना और सहायता की है परिपाटी : सुरेश गुप्ता

दाउदनगर (औरंगाबाद)-विशेष प्रतिनिधि। विद्या निकेतन ग्रुप आफ स्कूल्स ने आपात स्थिति के लिए यशोदा-बिंदेश्वरी अनुग्रह राशि और रमेश स्मृति सम्मान कोष को मजबूत बनाने की घोषणा की है। विद्या निकेतन विद्यालय समूह के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक सुरेश कुमार गुप्ता कहा है कि विद्यालय में संवेदना और सहायता की परिपाटी रही है। इस विद्यालय समूह को एक बड़े परिवार की तरह सींचने का बीज-तत्व उपक्रम इसकी स्थापना के समय से ही रहा है। उन्होंने 31 सालों से विद्यालय में कार्यरत रहे वरिष्ठ शिक्षक अवधेश प्रसाद के आकस्मिक निधन पर उनके घर जाकर यह घोषणा की कि दिवंगत शिक्षक के बेटों और परिवार के नाबालिग सदस्यों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने के साथ स्कूल अन्य यथासंभव मदद भी करेगा। स्कूल की ओर से 21 हजार रुपये नकद राशि दी गई। दिवंगत शिक्षक के घर पर विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों ने पहुंचकर अपनी सामूहिक संवेदना व्यक्त की। विद्यालय समूह के तीनों विद्यालयों विद्या निकेतन, संस्कार भारती और किड्ज वल्र्ड में शोकसभा का आयोजन किया गया। सीएमडी सुरेश कुमार गुप्ता के साथ सीईओ आनंद प्रकाश, डिप्टी सीईओ विद्या सागर और तीनों विद्यालयों के प्रधानाचार्य, प्रशासक, वरिष्ठ शिक्षक श्राद्धकार्य में शामिल होकर दिवंगत के परिवार को ढांढस दिया।

सामाजिक दायित्व को भी प्राथमिकता :

यहां उल्लेखनीय है कि करीब 3500 छात्र-छात्राओं और 250 से अधिक का शिक्षक-शिक्षिका, कर्मचारी वाले इस विद्यालय समूह का प्रबंधन सामाजिक दायित्व के अंतर्गत महादलित बस्तियों के छात्र-छात्राओं के साथ संपर्क-वार्ता, स्वच्छता जागरुकता कार्यक्रम, गरीबों के बीच खाद्यान्न, कपड़ा वितरण आदि कार्य विद्यार्थियों के साथ करता है, ताकि सामाजिक दायित्व भावना का विकास हो सके। सामाजिक उतरदायित्व के व्यापक कार्य के लिए ही इस विद्यालय समूह के सीईओ आनंद प्रकाश को सेंटर फार एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा पिछले महीने इफेक्टिव ग्लोबल लीडर्स अवार्ड से दिल्ली के पांच सितारा होटल में आयोजित समारोह में मालद्वीव के शिक्षामंत्री की मौजूदगी में सम्मानित किया गया। विद्या निकेतन विद्यालय समूह के संचालन में अग्रणी योगदान करने वाले सीईओ आनंद प्रकाश ने जहां मैनेजमेंट की डिग्री हासिल की है, ïवही डिप्टी सीईओ विद्या सागर ने अभियंत्रण डिग्री हासिल कर रखी है।

Share
  • Related Posts

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    डेहरी (रोहतास)। राष्ट्रीय सवर्ण कल्याण मोर्चा के बैनर तले रविवार को डेहरी में विशाल जन चेतना रैली निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। रैली के माध्यम…

    Share

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    सासाराम। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वावधान में चतुर्थ देव मंगल मेमोरियल राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ संस्थान के मूट…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    यूजीसी के खिलाफ डेहरी में सवर्ण समाज की जनचेतना रैली, हजारों लोग सड़कों पर उतरे

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    जीएनएसयू के नारायण स्कूल ऑफ लॉ में राष्ट्रव्यापी मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ

    वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय, समय की मांग है व्यवसायिक कृषि: गोपाल नारायण सिंह

    वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय, समय की मांग है व्यवसायिक कृषि: गोपाल नारायण सिंह

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच व योग प्रशिक्षण शिविर लगाएगा ध्यान योग केंद्र

    ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच व योग प्रशिक्षण शिविर लगाएगा ध्यान योग केंद्र

    रमज़ान के मौके पर सासाराम में भव्य इफ्तार पार्टी, सौहार्द और एकता का संदेश

    रमज़ान के मौके पर सासाराम में भव्य इफ्तार पार्टी, सौहार्द और एकता का संदेश

    यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ डेहरी में 15 मार्च को निकलेगी ‘जन चेतना रैली’

    यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ डेहरी में 15 मार्च को निकलेगी ‘जन चेतना रैली’