राष्ट्रीय संगोष्ठी : नेम के विद्याथियों का बैंकिंग प्रणाली में वैश्विक बदलाव पर शोधपत्र

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय संवाददाता। जमुहार स्थित गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्रबंधन संस्थान नेम (नारायण इंस्टीट्यूट आफ मैनेजरयिल एक्सीलेंस) के विद्यार्थियों ने नई सदी में विश्व बैंकिंग प्रणाली में आए बदलाव और पिछले पांच सालों की भारतीय बैंकिंग व्यवस्था की दशा-दिशा को रेखांकित करने वाला सामूहिक शोध-कार्य के निष्कर्ष को वाराणसी में आयोजित सूचना प्रबंधन की राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत किया। प्रस्तुत शोध-निष्कर्ष में बताया गया कि सूचना प्रौद्योगिकी के त्वरित उपयोग से भारतीय बैंकिंग व्यवस्था काफी मजबूत और विश्वस्तरीय हो गई है। इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन के रूप में नेम के डीन प्रो. आलोक कुमार ने प्रबंधन के नए तरीके के महत्व के बारे में जानकारी दी। दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन राजर्षि स्कूल आफ मैनेजमेंट और यूपी कालेज, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले नेम के विद्यार्थियों निधि कुमारी, शना खुर्शीद, कुमार सुशांत, भास्कर सिन्हा, विनीता कुमारी को कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह, कुलपति डा. एमएल वर्मा, सचिव गोविन्द नारायण सिंह, कुल सचिव डा. राधेश्याम जायसवाल ने शुभकामनाएं दी हैं।

सूचना विश्लेषण पर दो दिवसीय आईटी कार्यशाला

गोपालनारायण सिंह विश्वविद्यालय में संचालित नेम की ओर से एडवांस्ड एनालिटिक्स विद माइक्रोसाफ्ट एक्सल विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका शुभारंभ करते हुए विश्वविद्यालय के सचिव गोविन्दनारायण सिंह ने इसके औचित्य पर प्रकाश डाला। कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक और विश्वद्यिालय केे सूचना प्रौद्योगिकी प्रमुख डा. अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मौजूदा समय तकनीक के क्षेत्र में युगांतकारी परिवर्तन का है और विश्व सूचना प्रौद्योगिकी की क्रंाति के दौर से गुजर रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नई शाखा एनालिटिक्स की नींव पड़ चुकी है। विश्व की बड़ी सूचना प्रद्यौगिकी कंपनी गूगल ने एनालिटिक्स के महत्व को स्थापित करने में अग्रणी योगदान दिया है। प्रतियोगी के इस युगम केवल विषयगत डिग्री हासिल कर लेना ही काफी नहीं है, बल्कि क्षेत्र विशेष में पकड़ का होना भी जरूरी है। कार्यशाल का आयोजन प्रबंधन के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की उपयोगिता को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया।

पेट की क्रानिक बीमारी का इंडोस्कोपिक विधि से इलाज

जमुहार स्थित एनएमसीएच (नारायण मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल ) के गैस्ट्रोलाजी विभाग के चिकित्सकों ने पेट की एक क्रानिक बीमारी (पैन्क्रिआइटिस) से जूझ मरीज को बिना चीर-फाड़ के इंडोस्कोपिक विधि से इलाज कर मरीज को स्वस्थ किया। गैस्ट्रोलाजी विभाग के प्रभारी डा. आसिफ इकबाल के अनुसार, 35 वर्षीय मरीज (दिलीप कुमार, समरडीहा गांव) पिछले कई सालों से लगातार पेट में दर्द से परेशान थे। दर्द की दवा के कारण उनका किडनी प्रभावित हो रहा था और वजन भी घट रहा था। जांच करने पर पैन्क्रिआइटिस का मर्ज पाया गया। ईयूएस गाइडेड सिलिएख प्लेक्सस विधि से उपचार किया गया। सके।

(रिपोर्ट, तस्वीर : भूपेंद्रनारायण सिंह, पीआरओ, एनएमसीएच)

 

पहलेजा रेल स्टेशन पर भी रेल परिचालन का इंटरलाकिंग सिस्टम

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-वरिष्ठ संवाददाता। मुगलसराय रेल मंडल के डेहरी-आन-सोन, सोननगर और दुर्गावती रेल स्टेशनों के बाद पहलेजा रेल स्टेशन भी विद्युत चालित आधुनिक इंटरलाकिंग सिस्टम से लैस हो जाने के बाद मुगलसराय-डेहरी-आन-सोन रूट पर सभी रेलगाडिय़ों का परिचालन सामान्य हो चुका है। पूर्व-मध्य रेल जोन (हाजीपुर) के मुख्य अभिंयता (संकेत एवं दूरसंचार) सत्येन्द्र कुमार, मुगलसराय मंडल के उप रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा, सीनियर अभियंता (समन्वय) ब्रजेश कुमार यादव, सीनियर मंडल परिचालन प्रबंधक नेयाज अनवर ने इस कार्य के सफलतापूर्वक संपन्न होने के लिए संबंधित रेल अधिकारियों-कर्मियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

(रिपोर्ट, तस्वीर : वारिस अली)

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