हिंदी दिवस पर कविगोष्ठी, गीत गायन / चित्रगुप्त समाज की बैठक / कौशलेन्द्र प्रपन्न को श्रद्धांजलि

हिन्दी हैं हम हिन्दोस्तां हमारा…

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। सांस्कृतिक सर्जना की संवाहक संस्था सोन कला केन्द्र द्वारा स्टेशन रोड स्थित शंकर लाज परिसर में दयानिधि श्रीवास्तव उर्फ भरतलाल की अध्यक्षता में 14 सितम्बर की देर शाम हिन्दी दिवस का संयोजन दो सत्रों में किया गया।

पहले सत्र में कविगोष्ठी हुई, जिसका प्रवर्तन करते हुए सोन कला केन्द्र के सलाहकार संस्थापक कृष्ण किसलय ने हिन्दी दिवस के महत्व को रेखांकित किया। सेवानिवृत्त कृषि विज्ञानी अवधेशकुमार सिंह ने अपनी भोजपुरी कविता (ऐ रे कोइलिरिया…) का सस्वर पाठ किया। शहर के वरिष्ठ कवि कुमार बिन्दु ने अपने काव्य-पाठ के क्रम में चंद्रमा और पितृपक्ष के सामयिक संदर्भ से जुड़ी कविताएं भी प्रस्तुत कीं। गोष्ठी का संचालन करते हुए कृष्ण किसलय ने भी अपनी कविताएं (क्षणिकाएं) पढ़ीं।

दूसरे सत्र में गायन का कार्यक्रम हुआ, जिसमें शहर के अग्रणी गायक राजू सिन्हा, प्रीति सिन्हा के साथ सोन कला केन्द्र परिवार की कुमारी अंजलि और वीरेन्द्र कुमार ने भी अपना गायन प्रस्तुत किया। प्रीति सिन्हा ने अल्लामा इकबाल के गीत हिन्दी हैं हम हिन्दोस्तां हमारा…को अपने मधुर स्वर में गाकर गायन-कार्यक्रम की शुरुआत की। गायन कार्यक्रम का संचालन उप सचिव अविनाश कुमार सिन्हा अमूल्य ने किया। अंत में कार्यकारी अध्यक्ष जीवन प्रकाश ने धन्यवाद-ज्ञापन किया।
प्रीति सिन्हा के जन्मदिन पर काटा गया केक
हिन्दी दिवस कार्यक्रम में उपस्थित सोन कला केन्द्र के संस्थापक सलाहकार सत्येन्द्र गुप्ता, सुमंत मिश्र, उपाध्यक्ष सुनील शरद, अरुण शर्मा, सचिव निशांतकुमार राज, उप सचिव ओमप्रकाश सिंह ढनढन, सुनीलकुमार सिंह ओमजी, कोषाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, सह कोषाध्यक्ष नंदकुमार सिंह, अमृता पांडेय, सिंटू कुमार सोनी, वीरेन्द्र कुमार, उदयकुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार, सन्नी राज, गुलशन कुमार, रामनारायण सिंह आदि ने उप सचिव प्रीति राज को उनके जन्मदिन पर केक काटकर सामूहिक बधाई दी।
साहित्य संगम की गोष्ठी में पुस्तक का लोकार्पण
एक अन्य समाचार के अनुसार, हिन्दी दिवस पर साहित्य संगम द्वारा त्रिवेणी प्रकाशन के संपादक सीडी सिंह की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें युवा लेखक डा. हरेराम सिंह के उपन्यास टुकडों-टुकड़ों में जिंदगी का लोकार्पण किया गया। गोष्ठी में पूर्व बैंक अधिकारी कवि रामनाथ सिंह ने भी हिन्दी दिवस पर अपना विचार रखा। गोष्ठी का संचालन युवा कवि अभ्यागत ने किया।
(रिपोर्ट, तस्वीर : निशान्तकुमार राज)

कायस्थ कुलदेवता की मूर्ति-प्राण-प्रतिष्ठा पर चर्चा

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। चित्रगुप्त समाज की बैठक संरक्षक रागिनी सिन्हा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें चित्रगुप्त मैदान में स्थापित होने वाली कायस्थ कुलदेवता चित्रगुप्त प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा, चित्रगुप्त मंदिर निर्माण में गति लाने, आय-व्यय और चित्रगुप्त पूजा पर चर्चा की गई। बैठक में वरिष्ठ न्यूरो चिकित्सक डा. उदय कुमार सिन्हा, वरिष्ठ अधिवक्ता मिथिलेश कुमार सिन्हा, वरिष्ठ लेखक-संपादक कृष्ण किसलय, सोनघाटी पुरातत्व परिषद के कोषाध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव, पूर्व वार्ड पार्षद ब्रह्म्ïोश्वरनाथ सिन्हा, इंजीनियर आलोक श्रीवास्तव, भाजपा नेता श्रवण कुमार अटल, अधिवक्ता ओमप्रकाश सिन्हा कमल, सोनमाटी संवाददाता निशान्तकुमार राज, मनोरंजन प्रसाद श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव, अनिल कुमार, दीपक कुमार आदि उपस्थित थे।
(रिपोर्ट : निशान्तकुमार राज)

कौशलेन्द्र प्रपन्न के निधन पर निशब्द श्रद्धांजलि

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)-कार्यालय प्रतिनिधि। दिल्ली में कार्यरत रहे डिहरी निवासी प्रतिष्ठित युवा लेखक, कवि एवं शिक्षक कौशलेन्द्र प्रपन्न के असामयिक निधन पर सोन कला केन्द्र की ओर से अध्यक्ष दयानिधि श्रीवास्तव के नेतृत्व में दो मिनट का सामूहिक मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। दयानिधि श्रीवास्तव ने बताया कि कई महीने पहले वह सोन कला केेंद्र के कार्यालय में आए थे और अपनी कविता का पाठ भी किया था। स्वर्गीय कौशलेन्द्र प्रपन्न शहर के व्यावसायिक प्रतिष्ठान ग्लासीना के संचालक विनोद मारोदिया के दामाद थे। निधन के दुखद मौके पर वरिष्ठ लेखक-संपादक कृष्ण किसलय, वरिष्ठ कवि-पत्रकार कुमार बिन्दु, पुरा संग्राहक-लेखक अवधेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार उपेन्द्र मिश्र, सोन कला केेंद्र के उपाध्यक्ष लेखक-पत्रकार उपेन्द्र कश्यप, सोनमाटीडाटकाम के संवाददाता-लेखक निशांत राज आदि ने कौशलेन्द्र प्रपन्न की लेखकीय रचनाशीलता का स्मरण करते हुए कहा कि हिन्दी जगत ने अपना एक उभरता हुआ सितारा खो दिया।
(रिपोर्ट : निशान्तकुमार राज)

 

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    One thought on “हिंदी दिवस पर कविगोष्ठी, गीत गायन / चित्रगुप्त समाज की बैठक / कौशलेन्द्र प्रपन्न को श्रद्धांजलि

    1. धन्यवाद मेरी पुस्तक “टुकड़ों में मेरी जिंदगी” के लोकार्रपण की खबर लगाने के लिए।
      ….आपका हरेराम सिंह…

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