34वीं बहुभाषीय लघु नाट्य प्रतियोगिता का समापन, उत्कृष्ट नाटक व कलाकार हुए पुरस्कृत

डेहरी-आन-सोन (रोहतास)- निशांत राज। अभिनव कला संगम के तत्वावधान में ई. ललन सिंह स्पोर्टिंग क्लब में आयोजित 34वीं अखिल भारतीय बहुभाषीय लघु नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतिम दिन उत्कृष्ट नाटकों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया।

नाट्य प्रतियोगिता में कोलकाता की टीम मरीचिका की प्रस्तुति ‘गंधे जाले’ ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। ‘हमारे बापू’ को द्वितीय स्थान मिला। निर्णायक मंडल ने ‘कहानी’ को तृतीय, ‘नागमंडला’ को चतुर्थ तथा ‘महाभारत का कर्ण’ को पंचम स्थान प्रदान किया।अध्यक्ष अवार्ड नाटक ‘कर्ण जीत गया’ के कलाकार केशव को दिया गया। आयोजकों की पसंदीदा प्रस्तुति ‘बिदेसिया’ रही, जबकि आयोजक अवार्ड नाटक ‘ग्रानिटी’ को मिला।बेहतर कहानी लेखन के लिए लोईबी नपुम के लेखक नीलधजा खुमान को प्रथम, करुवाकी के लेखक सरोज कुमार टपनो को द्वितीय तथा फेस ऑफ वूमेन के लेखक निहार रंजन मिश्रा को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

सर्वश्रेष्ठ कलाकार श्रेणी में काल कोठरी की अशिका आनंद को प्रथम, धरित्रिका के बालआफताब को द्वितीय और शिशु अफताब के अभ्युदय को तृतीय पुरस्कार मिला।

बेहतरीन महिला कैरेक्टर आर्टिस्ट में नागमंडला में आंधी मां की भूमिका निभाने वाली नताशा पोद्दार प्रथम, कर्ण जीत गया में कुंती की भूमिका निभाने वाली सोनी राजवंशी द्वितीय तथा पोरीर बड़ी में पीसी मां का किरदार निभाने वाली तंत्र चक्रवर्ती तृतीय रहीं।

बेहतरीन पुरुष कैरेक्टर आर्टिस्ट में बिदेसिया में बटोही की भूमिका निभाने वाले आनंद चौहान को प्रथम, हमारे बापू में तारकेश्वर की भूमिका निभाने वाले कप्तान सिंह को द्वितीय तथा काल कोठरी में बेरमाजी की भूमिका निभाने वाले अनुराग शरण को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

सर्वश्रेष्ठ महिला खलनायक का पुरस्कार खुमान कंगला वाएल में तारोबी की भूमिका निभाने वाली दिया रानी ओयनम को तथा सर्वश्रेष्ठ पुरुष खलनायक का पुरस्कार अंधेरी गली में एक रात में कालू मामा की भूमिका निभाने वाले स्मारक अनुराग को मिला।

बेहतरीन अदाकारा में गंधे जाले की मोहाली दास प्रथम, कुंती की निही वेखोम द्वितीय और कैनवास की मौत की श्रुति तृतीय रहीं। वहीं बेहतरीन अदाकार में हमारे बापू के फैजल खान को प्रथम, गंधे जाले के समरजीत को द्वितीय तथा संयुक्त रूप से खुमान कंगला वायले और कहानी के कलाकार एन. जेमबोस व सदन खान को तृतीय पुरस्कार दिया गया।

बेहतरीन निर्देशक श्रेणी में गंधे जाले के अनिकेत पॉल प्रथम, महाभारत का कर्ण के लम्बामायुम मिलनकांता द्वितीय और ग्रानिटी की वेदाद्विती दास तृतीय रहीं।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में गुजरात के युग मेहता, जमशेदपुर के मो. निजाम व शिवलाल सागर, मणिपुर के सरुंगम वीरेन, असम के प्रभात रॉव व रणजीता सिंहा तथा राउरकेला की पुष्पा मिश्रा शामिल रहीं।

सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि स्थानीय विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह एवं एसडीएम निलेश कुमार ने संयुक्त रूप से कलाकारों को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान कलाकारों में खासा उत्साह देखने को मिला।

सम्मान समारोह से पूर्व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। असम की पांच वर्षीय अहाना चक्रवर्ती ने मनमोहक बिहू नृत्य प्रस्तुत किया। अमन बैंड के कलाकारों ने गिटार और संगीत से समां बांधा। इंफाल के पैथवी कल्चर ग्रुप ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि उड़ीसा व शाहजहांपुर से आए कलाकारों ने एकल नृत्य की प्रस्तुति दी। झारखंड के आदित्य अमन ने बैंड और गायन से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

(तस्वीर: संतोष सिंह)

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