
पटना- कार्यालय प्रतिनिधि। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में हिंदी पखवाड़ा-2025 के अंतर्गत “राजभाषा नियम, अधिनियम एवं संविधान में हिंदी” विषय पर शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं वक्ता श्री वीरेंद्र कुमार यादव, माननीय सदस्य, हिंदी सलाहकार समिति, भारत सरकार ने संविधान में हिंदी की स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने अनुच्छेद 343 से 351 तक वर्णित संवैधानिक प्रावधानों, राजभाषा अधिनियम एवं उससे जुड़े नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि हिंदी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में प्रभावी संचार का सशक्त माध्यम भी है।
इस मौके पर डॉ. आशुतोष उपाध्याय, उपाध्यक्ष, संस्थान राजभाषा कार्यान्वयन समिति ने कहा कि हिंदी का प्रयोग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह कार्यकुशलता और राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को प्राथमिकता दें।
कार्यक्रम का संचालन और समन्वय डॉ. शिवानी, प्रधान वैज्ञानिक तथा उमेश कुमार मिश्र, हिंदी अनुवादक द्वारा किया गया। कार्यशाला में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ-साथ आईएआरआई पटना हब के छात्र भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






