नई दिल्ली। विद्युत मंत्रालय 26 जनवरी, 2026 को आयोजित होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में अपनी भव्य झांकी “प्रकाश गंगा: एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए शक्ति” का प्रदर्शन करेगा। यह झांकी भारत के विद्युत क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों और स्वच्छ एवं टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में देश के बढ़ते वैश्विक नेतृत्व को दर्शाएगी।
झांकी में बिजली की सार्वभौमिक पहुंच हासिल करने से लेकर भारत के एक वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा नेता के रूप में उभरने तक की विकास यात्रा को प्रस्तुत किया गया है, जो आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। “प्रकाश गंगा” थीम, जिसका अर्थ ‘प्रकाश की नदी’ है, राष्ट्रीय पावर ग्रिड में बिजली के निर्बाध और सतत प्रवाह का प्रतीक है।
झांकी की प्रमुख विशेषताओं में रोबोटिक स्मार्ट मीटर मॉडल और विंड टर्बाइन जनरेटर शामिल हैं, जो डिजिटल तकनीक, ऑटोमेशन और स्मार्ट ऊर्जा समाधानों के एकीकरण को दर्शाते हैं। झांकी के मध्य भाग में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन के साथ “स्मार्ट पावर, स्मार्टर होम” की अवधारणा को प्रदर्शित किया गया है, जो नागरिकों को बिजली के ‘प्रोज़्यूमर’ के रूप में सशक्त बनाने के सरकार के दृष्टिकोण को सामने लाता है।
इसके साथ ही ऊंची ट्रांसमिशन संरचना अंतिम छोर तक बिजली पहुंच को दर्शाती है, जबकि ईवी चार्जिंग स्टेशन और इलेक्ट्रिक स्कूटर स्वच्छ गतिशीलता और सतत परिवहन में ऊर्जा क्षेत्र की भूमिका को रेखांकित करते हैं। झांकी के पीछे के हिस्से में हाइड्रोइलेक्ट्रिक, पवन और जियोथर्मल ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से भारत की अक्षय ऊर्जा क्षमता को प्रदर्शित किया गया है।
“स्विचिंग ऑन इंडिया” संदेश के साथ बनी संरचना उन्नत नियंत्रण एवं निगरानी केंद्रों को दर्शाती है, जो ग्रिड की स्थिरता और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। मुड़े हुए बिजली तारों जैसी आकृति पर आधारित यह झांकी भारत के विशाल और सशक्त राष्ट्रीय पावर ग्रिड का प्रतीक है, जो लाखों घरों और उद्योगों को जोड़ता है।
इस विशेष प्रस्तुति के माध्यम से विद्युत मंत्रालय भरोसेमंद, किफायती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराने, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने तथा आर्थिक विकास को गति देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएगा।





