वैज्ञानिक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय, समय की मांग है व्यवसायिक कृषि: गोपाल नारायण सिंह

  • तीन जिलों के 2000 से अधिक किसानों की भागीदारी से किसान मेला संपन्न

सासाराम। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के नारायण कृषि विज्ञान संस्थान द्वारा आयोजित एक दिवसीय किसान मेला किसानों की उत्साहजनक भागीदारी के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले में रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों के लगभग दो हजार से अधिक किसानों ने भाग लेकर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से की गई व्यावसायिक खेती आज के समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ जीवन स्तर को भी बेहतर बना सकते हैं।

संस्थान के प्रतिकुलाधिपति गोविंद नारायण सिंह ने किसानों को खेती को उद्यमिता के रूप में देखने का सुझाव दिया। वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जगदीश सिंह ने मेले में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।

किसान मेले के विशिष्ट अतिथि डॉ. विभूदत्ता नायक, महाप्रबंधक, कृषि क्षेत्र विकास विभाग, नाबार्ड बिहार क्षेत्रीय कार्यालय, पटना ने किसानों से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) से जुड़ने तथा बैंकों से मिलने वाली आर्थिक सहायता का लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिकों ने आधुनिक खेती, उन्नत बीज, प्राकृतिक खेती और कृषि प्रबंधन से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दिया। इसके बाद आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र में किसानों ने अपनी समस्याएं वैज्ञानिकों के समक्ष रखीं, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान और मार्गदर्शन दिया।

मेले में नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के विभिन्न विभागों के साथ ही कई सरकारी, गैर-सरकारी और निजी कंपनियों द्वारा कुल 36 स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और उपकरणों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान अग्रणी किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को सम्मानित भी किया गया।कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक प्रो. एच. के. सिंह ने सभी अतिथियों और किसानों का स्वागत किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन कृषि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. एस. एस. सिंह ने किया।

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