
डेहरी -आन-सोन (रोहतास)। पैरवी एवं नारायण स्कूल ऑफ लॉ के संयुक्त तत्वावधान में पारा लीगल स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को विधिक अधिकारों, न्यायिक प्रक्रियाओं तथा समुदाय स्तर पर कानूनी सहायता प्रदान करने के प्रभावी तरीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम में पटना से आए विशेषज्ञ सुनील कुमार झा ने बाल अधिकार, महिला संरक्षण कानून, घरेलू हिंसा अधिनियम और कानूनी सहायता सेवाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
पैरवी के कार्यक्रम अधिकारी दीनबंधु वत्स ने विधि के जोखिम में फंसे किशोरों एवं जेल में बंद गरीब व्यक्तियों को मुफ्त जमानत दिलाने की योजना पर प्रकाश डाला। वहीं बाल अधिकार कार्यकर्ता संतोष उपाध्याय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारा लीगल स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और वे जरूरतमंदों तक सुलभ न्याय पहुंचाने में प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। बाल कल्याण समिति रोहतास के सदस्य ददन पाण्डेय ने किशोर न्याय अधिनियम से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यशाला के पहले दिन प्रतिभागियों को कानूनी प्रावधानों की बुनियादी समझ दी गई, जबकि दूसरे दिन व्यावहारिक प्रशिक्षण, केस स्टडी और समूह चर्चा के माध्यम से उनकी दक्षता को और मजबूत किया गया। साथ ही पहले दिन स्वयंसेवकों को किशोर न्याय परिषद का भ्रमण कराकर उसकी कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया।
समापन सत्र में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। आयोजकों ने बताया कि इस तरह की पहल समाज में न्याय की पहुंच को सुदृढ़ बनाने में अहम भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर कई विधि विशेषज्ञ, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।




