विश्व मातृदिवस पर डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा को मिला ‘साहित्य रत्न सम्मान’

प्रयागराज- उतर प्रदेश। साहित्यांजलि प्रकाशन द्वारा संचालित ‘साहित्यकार सत्कार: आपके द्वार’ योजना के अंतर्गत विश्व मातृदिवस के अवसर पर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा को प्रतिष्ठित ‘साहित्य रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान साहित्य एवं मौलिक सृजन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

प्रीतम नगर स्थित डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा के आवास पर आयोजित गरिमामयी समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती विजयलक्ष्मी विभा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध साहित्यकार डॉ. उषा मिश्रा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. जया मोहन तथा अतिथि साहित्यकार रचना सक्सेना मंचासीन रहीं।

समारोह की शुरुआत स्वागत वंदना से हुई, जिसे डॉ. योगेंद्र कुमार मिश्र विश्वबंधु एवं डॉ. राम लखन चौरसिया वागीश ने प्रस्तुत किया। वहीं पंडित राकेश मालवीय मुस्कान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की।

इस अवसर पर डॉ. राम सुख यादव, शम्भूनाथ श्रीवास्तव शंभु, रंजन पाण्डेय, श्याम फतनपुरी, राकेश कुमार पाण्डेय, अश्विन पाण्डेय, सुधीर कुमार तिवारी, जयश्री शुक्ला एवं पूनम पांडेय सहित अनेक वरिष्ठ रचनाकार उपस्थित रहे।

डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय के संचालन में आयोजित समारोह में डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा को साहित्यांजलि प्रकाशन प्रयागराज की ओर से सम्मान पत्र, प्रतीक चिन्ह, अंगवस्त्र, मोतीमाल एवं साहित्य भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मंच संचालक डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय को भी शाल ओढ़ाकर राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित कवियों एवं साहित्यकारों ने मातृदिवस पर आधारित अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देकर माहौल को भावनात्मक एवं साहित्यिक रंगों से सराबोर कर दिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय पूर्णा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गौरव एवं प्रेरणा का विषय है। कार्यक्रम के अंत में मंचासीन अतिथियों एवं साहित्यकारों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रदान कीं।

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