युवा लेखिका स्मिता गुप्ता की पुस्तक अनूठी एवं पठनीय : दिविक रमेश

स्मिता गुप्ता की नई पुस्तक का हुआ लोकार्पणगणिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट ने लेखिका को किया सम्मानित

नई दिल्ली। लोदी एस्टेट स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में युवा कवयित्री एवं लेखिका स्मिता गुप्ता की नवप्रकाशित पुस्तक ‘हिंदी एवं हिंदीतर कहानियों में बाल मनोविज्ञान’ का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कवि एवं अग्रणी बाल साहित्यकार दिविक रमेश ने पुस्तक का लोकार्पण करते हुए कहा कि स्मिता गुप्ता ने प्रेमचंद, जैनेंद्र, यशपाल, नलिन विलोचन शर्मा सहित अनेक कहानीकारों की कहानियों के बाल पात्रों के आचरण-व्यवहार का मनोवैज्ञानिक दृष्टि से गंभीर अध्ययन किया है। उन्होंने कहा कि पुस्तक में मनोविज्ञान के सिद्धांतों तथा उसके प्रवर्तक मनोवैज्ञानिकों का भी उल्लेख किया गया है। इस दृष्टि से यह एक अनूठी तथा अत्यंत पठनीय पुस्तक है।

बाल साहित्यकार डॉ. शकुंतला कालरा ने कहा कि बाल कहानियाँ पढ़ते समय बच्चे यह प्रश्न नहीं उठाते कि पेड़ कैसे बोल रहा है, क्योंकि वे फंतासी की दुनिया में जीते हैं। उन्होंने कहा कि बाल साहित्यकार को भले ही मनोविज्ञान के सिद्धांतों की औपचारिक जानकारी न हो, किंतु वे बच्चों के मनोविज्ञान को भली-भाँति समझते हैं।

फॉरवर्ड प्रेस के संपादक एवं लेखक नवल किशोर कुमार ने स्मिता गुप्ता को उनकी नई पुस्तक के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे पूर्व उनका काव्य-संग्रह ‘सुनो गंडक’ प्रकाशित हो चुका है, जिसमें संकलित ‘मेरी देह’ कविता भी बाल मनोविज्ञान के विभिन्न आयामों को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण बच्चों के अनुभवों तथा परिवेश में अंतर होता है। उनका मनोविज्ञान उनकी जाति, वर्ग तथा आर्थिक स्थिति से निर्मित होता है।

भोपाल से आईं लेखिका सारिका ठाकुर ने मुख्यधारा में बाल साहित्य की उपेक्षा पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि स्मिता गुप्ता ने इस पुस्तक में जिन लेखकों की कहानियों का विश्लेषण किया है, उनमें से अधिकांश मुख्यधारा के लेखक हैं, जिनकी रचनाओं पर व्यापक स्तर पर विमर्श होता रहा है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अत्यंत शोधपरक है और हिंदी साहित्य के अध्येताओं, शोधार्थियों तथा विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

वरिष्ठ पत्रकार अवनींद्र ठाकुर ने भी पुस्तक के प्रकाशन को एक महत्वपूर्ण साहित्यिक परिघटना बताया। वहीं वरिष्ठ कवि, कथाकार एवं पत्रकार प्रियदर्शन का वीडियो संदेश भी कार्यक्रम में उपस्थित साहित्यप्रेमियों को दिखाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता दिविक रमेश ने की तथा संचालन कवयित्री छाया सिंह ने किया।पुस्तक लोकार्पण समारोह के अवसर पर बाबा गणिनाथ चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली के अध्यक्ष विनोद कुमार साह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने कवयित्री एवं लेखिका स्मिता गुप्ता को स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतिनिधिमंडल में रवींद्र कुमार मधेशिया, जे.पी. गुप्ता, नीरज कुमार गुप्ता, प्रमोद कुमार, मदन मोहन तथा हर्षित कुमार सहित अन्य सदस्य शामिल थे।

कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डॉ. दीप्ति कुमारी, डॉ. एन.पी. सेन, इंजीनियर अजय कुमार, रंजीत भट्टाचार्य, संजय भगत, शताक्षी, शिवांग सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। अंत में ऋतिका ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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