“एक कदम स्वच्छता की ओर” नाटक ने दिया सामाजिक जागरूकता का संदेश

आरा (भोजपुर)। स्थानीय पटेल बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच पर जनहित परिवार एवं भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान, आरा के संयुक्त तत्वावधान में “एक कदम स्वच्छता की ओर” विषयक नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व कृष्णा जी प्रसाद उर्फ किशि तथा अमिताभ कुमार ने किया, जबकि संचालन भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र सिंह ने किया।

कार्यक्रम की शुरुआत व्यास कमलेश आनंद द्वारा भिखारी ठाकुर के निर्गुण गायन से हुई। इसके बाद कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि अपना कचरा दूसरे के दरवाजे या सार्वजनिक स्थानों पर नहीं फेंकना चाहिए। कलाकारों ने दिखाया कि गंदगी न केवल सामाजिक वैमनस्य को जन्म देती है, बल्कि अनेक बीमारियों का कारण भी बनती है, जिनसे कचरा फैलाने वाला व्यक्ति भी अछूता नहीं रहता।

नाटक में भारत आर्या, दीपाली श्रीवास्तव, आरती देवी, सारिका पाठक, धर्मशिला देवी, जितेंद्र प्रसाद उर्फ लड्डू भोपाली, अनिल सिंह, सुमन कुमार सिंह, पुष्पा देवी उर्फ गुड़िया, ऊषा देवी पांडेय तथा अनिल प्रतीक्षा सहित अन्य कलाकारों ने अभिनय किया।सरकारी पदाधिकारी की भूमिका में वरिष्ठ रंगकर्मी साधना श्रीवास्तव एवं अंबुज कुमार ने नाटक का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही फेंकना चाहिए, जिससे स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके।

नाटक में वाद्य यंत्रों पर देवमुनि पाण्डेय, सुमन कुमार सिंह, डॉ. अनिल सिंह तथा रामसुख राय ने संगत दी। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी चंद्रभूषण पांडेय द्वारा प्रदत्त दो अत्याधुनिक वाद्य यंत्रों का पहली बार प्रयोग किया गया।

रंगकर्मी मो. सरफराज ने बताया कि इस नाटक में प्रयोगधर्मिता के तहत पहली बार लोकप्रिय रेडियो नाटक ‘लोहा सिंह’ के कुछ अंशों का समावेश किया गया है, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।

भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस अवसर पर विलुप्त होती लोक संस्कृति और लोक कलाओं के संरक्षण हेतु वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह नाटक उसी श्रृंखला की पहली कड़ी है।

कार्यक्रम में अधिवक्ता अतुल प्रकाश, नंद किशोर कमल, स्वामी विक्रमादित्य, वीर कंडे प्रसाद, पत्रकार विजय सिंह सहित अनेक गणमान्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।

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