
सासाराम (रोहतास )। जिले में जिला प्रशासन एक ओर जहां आम जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर सख्त नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर भीषण गर्मी और लू (हीट वेव) के खतरे को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने में भी पूरी सक्रियता दिखा रहा है।
बुधवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी उदिता सिंह ने पांच मामलों की सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान संझौली प्रखंड में कार्यरत वाहन चालक सुनील कुमार ने अपने कार्य से जुड़ी समस्या रखी, जिस पर डीएम ने उप विकास आयुक्त को जांच का निर्देश दिया।
वहीं, निमियाँ निवासी विमल किशोर कुमार के सेवा से जुड़े मामले को जिला परियोजना प्रबंधक को सौंपा गया। नूरनगंज की विजया कुमारी के भूमि विवाद मामले को निवारण पदाधिकारी को अग्रसारित कर शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया गया।
डीएम ने सभी अधिकारियों को लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने और जनता को अनावश्यक परेशानी से बचाने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में, जिले में बढ़ती गर्मी और लू के प्रभाव को देखते हुए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी व्यवस्थाओं, विशेषकर “हर घर नल का जल” योजना की क्रियाशीलता और खराब चापाकलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान डीएम ने अक्रियाशील योजनाओं पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर कम से कम 50 प्रतिशत बंद जल योजनाओं को चालू किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इसके अलावा, पेयजल योजनाओं की साप्ताहिक समीक्षा करने और सभी खराब चापाकलों को शीघ्र मरम्मत कर चालू करने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में आम लोगों को पानी की समस्या से जूझना न पड़े, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।





