बिहार की तीन विभूतियों को पद्मश्री सम्मान, लोक संस्कृति और कृषि विज्ञान को मिला राष्ट्रीय गौरव

  • राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किए जाएंगे पद्म पुरस्कार 2026

पटना। देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शामिल पद्म पुरस्कारों के लिए वर्ष 2026 में बिहार की तीन विशिष्ट विभूतियों का चयन किया गया है। लोक नृत्य, भोजपुरी लोक संगीत तथा कृषि विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बिहार के तीन प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जाएगा। यह सम्मान 25 मई 2026 को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में प्रदान किया जाएगा।

इस वर्ष बिहार के प्रख्यात लोक नृत्याचार्य विश्व बंधु (मरणोपरांत), भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षक भरत सिंह भारती तथा कृषि वैज्ञानिक डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी (मरणोपरांत) को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है।

लोक नृत्य के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने वाले विश्व बंधु बिहार की सांस्कृतिक पहचान के प्रमुख स्तंभों में गिने जाते हैं। उन्होंने भारतीय लोक और शास्त्रीय नृत्य परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और नवाचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक नर्तक, कोरियोग्राफर, गुरु और संस्था-निर्माता के रूप में उन्होंने बिहार के आधुनिक नृत्य आंदोलन को नई दिशा दी और लोक नृत्य को सामाजिक चेतना तथा कलात्मक अभिव्यक्ति का प्रभावी माध्यम बनाया।

भोजपुरी लोक संगीत के क्षेत्र में सात दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहे भरत सिंह भारती को भी उनके अतुलनीय योगदान के लिए पद्मश्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। भोजपुर जिले के नोनौर गांव में जन्मे भारती ने बचपन से ही लोक गायन की परंपरा को अपनाया और तबला, हारमोनियम, बांसुरी, सितार, ढोलक तथा झाल सहित अनेक वाद्ययंत्रों में दक्षता प्राप्त की। वर्ष 1962 से वे आकाशवाणी पटना से जुड़े हुए हैं और भोजपुरी लोक संगीत के संरक्षण एवं प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

विज्ञान एवं अभियांत्रिकी श्रेणी में पद्मश्री से सम्मानित किए जाने वाले डॉ. गोपाल जी त्रिवेदी कृषि शिक्षा और कृषि प्रसार के क्षेत्र के अग्रणी वैज्ञानिक रहे हैं। राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (वर्तमान डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय) के पूर्व कुलपति रहे डॉ. त्रिवेदी ने कृषि अनुसंधान, शिक्षा और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कृषि प्रसार शिक्षा को किसानों तक पहुंचाने और कृषि नवाचारों को जनसामान्य से जोड़ने में उल्लेखनीय कार्य किया।

पद्म पुरस्कार कला, साहित्य, शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल, सामाजिक कार्य तथा अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा कुल 131 पद्म पुरस्कारों को स्वीकृति दी गई है।

बिहार की इन तीन विभूतियों को मिला यह सम्मान राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।

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