आयुष मंत्रालय के पहले 100 दिनों की गिनाई उपलब्धियों

आयुष मंत्रालय की पहले 100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियों

पटना-कार्यालय प्रतिनिधि। क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान, पटना अधीनस्थ सी.सी.आर.ए.एस, आयुष मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा मंगलवार को संस्थान के प्रभारी डॉ. रोहित कुमार रावते ने आयुष मंत्रालय की पहले 100 दिनों की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ‘‘प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मंत्रालय ने पारंपरिक भारतीय चिकित्सा को बढ़ावा देने और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में आयुष को मजबूत करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

डॉ. रोहित कुमार रावते ने पटना में प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि आयुष के 100 दिनों की विकास गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विकास की विभिन्न गतिविधियों में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ समझौता, औषधीय पौधों पर वियतनाम के साथ समझौता ज्ञापन, आयुर्वेद पर मलेशिया के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन, “एक जड़ी-बूटी, एक मानक” पहल को बढ़ावा देना, आयुष औषधियों के लिए विशेष मेडिकल स्टोर, 1489 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) का एनएबीएच मूल्यांकन पूरा हुआ, स्वस्थ भारत के लिए “हर घर आयुर्योग” अभियान, वृद्धजनों के लिए आयुष शिविर, आयुष उत्कृष्टता केंद्र, आयुष पैकेज को एबी-पीएमजेएवाई में शामिल करना जहां यहां कदम है वहीं, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान का चरण (एआईआईए), नई दिल्ली, राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला, हरियाणा के पंचकूला में 294.91 करोड़ रुपये के निवेश से राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान बनाया जाना योग और प्राकृतिक चिकित्सा पर तीन केंद्रीय अनुसंधान संस्थान ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में तीन केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (सीआरआईवाईएन) स्थापित करने की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

मौके पर में राजकीय आयुर्वेदिक कालेज एवं अस्पताल, कदमकुआँ, पटना के प्राचार्य डॉ. सम्पूर्णानन्द तिवारी तथा डॉ. (प्रो.) अमरेन्द्र कुमार सिंह, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान विभाग तथा साथ ही साथ इस संस्थान के भूतपूर्व सहायक निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार सिंह एवं अनुसंधान अधिकारी (आयु.) क्रमशः डॉ. बालाजी पोटभरे, डॉ. अशोक कुमार सिन्हा, डॉ. रितिका मिश्रा, डॉ. कुमारी अर्चना उपस्थित रहे।

Share
  • Related Posts

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    नवरात्र केवल देवी की आराधना का पर्व नहीं, बल्कि नारी की गरिमा, समानता और स्वतंत्रता पर आत्ममंथन का अवसर भी है। माँ दुर्गा की शक्ति के प्रति हमारी श्रद्धा तभी…

    Share

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    विश्व स्तर पर प्रत्येक वर्ष 17 अक्टूबर को ‘अंतरराष्ट्रीय गरीबी उन्मूलन दिवस’ मनाया जाता है। इसका उद्देश्य गरीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और गरीबी-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रयासों…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    नवरात्र : देवी की आराधना से नारी के सम्मान तक

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    गरीबी का दंश : विकास के दावों के बीच संघर्षरत जीवन

    पटना में महिला किसान दिवस पर महिला सशक्तीकरण का संदेश, बिहार-झारखंड की नवाचारी महिला किसान सम्मानित

    पटना में महिला किसान दिवस पर महिला सशक्तीकरण का संदेश, बिहार-झारखंड की नवाचारी महिला किसान सम्मानित

    सासाराम के धनकाढ़ा में किशोरियों के बीच 50 एमएचएम किट वितरित

    सासाराम के धनकाढ़ा में किशोरियों के बीच 50 एमएचएम किट वितरित

    दुर्गापूजा पर डेहरी-ऑन-सोन में भारी वाहनों के परिचालन पर रोक, 17 से 22 अक्टूबर तक लागू रहेगा आदेश

    इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 में भागीदारी को लेकर जीएनएसयू में कार्यशाला आयोजित

    इंडिया स्किल कॉम्पिटिशन 2026 में भागीदारी को लेकर जीएनएसयू में कार्यशाला आयोजित