
प्रयागराज। साहित्यिक सृजन और मौलिक विचारों को समर्पित संस्था साहित्यांजलि प्रकाशन, प्रयागराज के तत्वावधान में साहित्यकार सम्मान एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन जजेज कॉलोनी (बेली अस्पताल के सामने) में डॉ. (इं.) उमेश शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ के राष्ट्रीय संरक्षक डॉ. बालकृष्ण पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि डॉ. उषा मिश्रा रहीं। संचालन साहित्यांजलि प्रकाशन के उप संपादक डॉ. योगेंद्र कुमार मिश्रा ‘विश्वबंधु’ ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
आयोजक साहित्यकार डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने अतिथियों का स्वागत किया, वहीं शंभूनाथ श्रीवास्तव ने वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।

इस अवसर पर साहित्यांजलि प्रकाशन द्वारा प्रकाशित तीन पुस्तकों— ‘समय की लाठी’ (कहानी संग्रह, लेखक: प्रेम कुमार त्रिपाठी), ‘अंतिम मुलाकात’ (कहानी संग्रह, लेखक: डॉ. सतीश बब्बा) तथा ‘चाहे कृष्ण कहो या राम’ (कविता संग्रह, लेखिका: डॉ. ऐश्वर्या सिन्हा चित्रांश)—का लोकार्पण किया गया।
समारोह में “शोभा देवी स्मृति साहित्य सम्मान” से कुल 21 साहित्यकारों को अलंकृत किया गया। सम्मानित साहित्यकारों में डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी, डॉ. दया शंकर प्रसाद, डॉ. राम लखन चौरसिया ‘वागीश’, डॉ. राम सुख यादव, रवीन्द्र कुशवाहा, डॉ. रंजन पाण्डेय, पं. राकेश मालवीय ‘मुस्कान’, डॉ. प्रदीप कुमार दुबे, श्रीमती जया मोहन, पं. रामपाल त्रिपाठी, श्रीमती माया त्रिपाठी, प्रदीप सिंह, सतीश कुमार गुप्ता, राम शंकर पटेल सहित अन्य साहित्यकार शामिल रहे।
अंत में डॉ. भगवान प्रसाद उपाध्याय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।




