जलवायु अनुकूल खेती पर प्रक्षेत्र दिवस सह प्रशिक्षण, किसानों को मिली नई तकनीकों की जानकारी

पटना। गयाजी जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम के अंतर्गत प्रखंड के ग्राम पचलखा में जीरो-टिल मूंग आधारित कुशल जल प्रबंधन एवं जल दक्ष कृषि विधियों पर केंद्रित प्रक्षेत्र दिवस सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं जलवायु अनुकूल खेती की तकनीकों से अवगत कराना था, ताकि बदलते मौसम के प्रभाव को कम करते हुए उत्पादन और आय में वृद्धि सुनिश्चित की जा सके।प्रशिक्षण के दौरान डॉ. पवनजीत ने जीरो-टिल तकनीक के माध्यम से मूंग की खेती, कम लागत में अधिक उत्पादन तथा जल संरक्षण के प्रभावी उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह तकनीक समय, श्रम और संसाधनों की बचत करते हुए बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करती है।

इस अवसर पर वैज्ञानिक डॉ. आरती कुमारी ने कहा कि जीरो-टिल पद्धति अपनाने से खेती की लागत घटती है और मिट्टी की संरचना एवं उर्वरता में सुधार होता है। उन्होंने उन्नत जल प्रबंधन तकनीकों के महत्व पर बल देते हुए बताया कि इन विधियों से कम पानी में अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यक्रम के तहत किसानों को खेत में ही प्रायोगिक प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न तकनीकों का अवलोकन कराया गया। इसमें जल दक्ष सिंचाई विधियों, फसल प्रबंधन उपायों तथा जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही वैज्ञानिकों ने जीरो-टिल गेहूं एवं जीरो-टिल मूंग के खेतों का निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के 80 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 25 महिला किसान भी शामिल थीं। किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि संभव है। इस दौरान किसानों के बीच भिंडी एवं तोरई के बीजों का वितरण भी किया गया।यह कार्यक्रम डॉ. अनुप दास (निदेशक) एवं डॉ. अभय कुमार (प्रधान वैज्ञानिक) के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

Share
  • Related Posts

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रांची। भौगोलिक सीमाएं भले ही राज्यों को अलग कर दें, लेकिन संस्कृति की जड़ें अक्सर इन सीमाओं से कहीं अधिक गहरी और व्यापक होती हैं। कुछ ऐसा ही रिश्ता है…

    Share

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    सासाराम। रोहतास जिले में महिलाओं के सशक्तिकरण और पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार संचालित संपूर्ण महिला साक्षरता अभियान…

    Share

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    You Missed

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    जहां सरहदें खत्म होती हैं, वहां से शुरू होती है संस्कृति: शाहाबाद-झारखंड संबंध

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    रोहतास में साक्षरता की मिसाल: गोद में बच्चा, हाथ में कलम लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिलाएं

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    डब्ल्यूजेएआई झारखंड का गठन: दीपक ओझा बने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

    प्रयागराज के तीन साहित्यकारों को CBSE में स्थान, 19 अप्रैल को होगा सम्मान समारोह

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    कुंवर राणा संस्था की नई कार्यसमिति गठित, अमित सिंह बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह

    बढ़ती गर्मी में मत्स्य पालन के लिए तालाब प्रबंधन जरूरी: रंजू कुमारी की किसानों को सलाह