
डेहरी-ऑन-सोन (रोहतास)। काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने क्षेत्र की लंबित विकास योजनाओं और जनसमस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। पटना स्थित मुख्यमंत्री के आवास पर हुई मुलाकात के दौरान सांसद ने डेहरी और दाउदनगर को जिला बनाने सहित विभिन्न मांगों से संबंधित अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। उन्होंने इंद्रपुरी जलाशय का शीघ्र निर्माण कराने और करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी सोन नहर प्रणाली के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सांसद ने कहा कि वर्ष 1874 में निर्मित सोन नहर प्रणाली से बिहार के आठ जिलों में धान, गेहूं सहित विभिन्न फसलों की सिंचाई होती है। लंबे समय से मरम्मत और आधुनिकीकरण के अभाव में नहर प्रणाली के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं। दूसरी ओर बाणसागर और रिहंद बांध के निर्माण के बाद सोन नदी में पानी की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है। ऐसे में इंद्रपुरी जलाशय का निर्माण और सोन नहर प्रणाली का सुदृढ़ीकरण आवश्यक हो गया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि नवीनगर स्थित दोनों थर्मल पावर प्लांटों को भी सोन नदी के पानी की आवश्यकता होती है। इसलिए सिंचाई के साथ औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए सोन नदी के जल का बेहतर प्रबंधन जरूरी है। इंद्रपुरी जलाशय के निर्माण से क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ जल प्रबंधन की समस्या का भी समाधान हो सकता है।
नौहट्टा से नासरीगंज तक क्षेत्र को शामिल करने की मांग
सांसद ने नौहट्टा से नासरीगंज तक के सोन तटवर्ती क्षेत्रों को शामिल करते हुए डेहरी को नया जिला बनाने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक और प्रशासनिक जरूरतों को देखते हुए डेहरी को जिला का दर्जा मिलना जरूरी है।
इसी क्रम में उन्होंने दाउदनगर, ओबरा, हसपुरा और गोह प्रखंडों को मिलाकर दाउदनगर को मुख्यालय बनाते हुए नया जिला गठित करने की मांग भी की। इसके अलावा पुनपुन नदी पर दो नए पुलों के निर्माण तथा बाढ़ से प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को क्षतिपूर्ति देने की मांग उठाई।
सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और उनके समाधान की दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि प्रकाश सिंह उर्फ पिंटू सिंह भी मौजूद थे।
- रिपोर्ट, तस्वीर :अतुल कुशवाहा




