हर आत्महत्या तोड़ती है एक परिवार और समाज : डॉ. यू.के. सिन्हा

डेहरी -आन-सोन (रोहतास) कार्यालय प्रतिनिधि। विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के मौके पर बुधवार को शहर में निकाली गई रैली में प्रख्यात मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. उदय कुमार सिन्हा ने कहा कि “जीवन ईश्वर का दिया अनमोल उपहार है, इसे यूँ ही न गंवाएँ। आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि जागरूकता, करुणा और समय पर सहयोग से हर कठिनाई पर विजय पाई जा सकती है।”

उन्होंने बताया कि साल दुनिया भर में सात लाख से अधिक आत्महत्या के कारण अपनी जान गंवा देते हैं। हर आत्महत्या के साथ सिर्फ एक जीवन नहीं, बल्कि पूरा परिवार और समाज टूट जाता है। हमें मिलकर यह संदेश देना होगा कि जीवन अमूल्य है और हर पीड़ा का इलाज संभव है।
उन्होंने कहा कि संवेदना न्यूरो सायकियेट्रिक रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड हर वर्ष “कार्रवाई के माध्यम से आशा का सृजन” विषय के तहत विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाकर समाज को जागरूक करने का कार्य करता है।

यह रैली संवेदना न्यूरोसाइकियाट्री रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड, उषा श्याम फाउंडेशन, आईएमए डिहरी-डालमियानगर एवं अभिनव कला संगम (अकस) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुई। रैली पाली रोड स्थित कार्यालय से शुरू होकर कर्पूरी चौक, मुख्य बाजार, अंबेडकर चौक होते हुए पुनः आईएमए कार्यालय पहुंची, जहां डॉ. सिन्हा ने उपस्थित लोगों को संबोधित कर कार्यक्रम का समापन किया।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सत्यनारायण यादव, डॉ. रामजी गुप्ता, डॉ. नवीन नटराज, डॉ. आशीष, अकस अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, सचिव नंदन गुप्ता, वरीय अधिवक्ता बैरिस्टर सिंह, ओमप्रकाश सिंह उर्फ कमल सिन्हा, बरमेश्वर नाथ उर्फ काली बाबू, अमित कुमार गुप्ता, रूपेश राय, महेंद्र सिंह, सिकंदर, सुनील मेहता, संजय सिंह बाला, शिवकुमार, इंद्रदेव सिंह, आशीष प्रकाश, समेत अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए।

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