
डेहरी -आन-सोन (रोहतास)- कार्यालय प्रतिनिधि। स्थानीय जवाहरलाल नेहरू महाविद्यालय में हिंदी विभाग के तत्वावधान में संयोजित हिंदी दिवस समारोह में “तकनीकी युग में हिंदी भाषा का विकास और सम्भावनाएंं” विषयक संगोष्ठी हुई, जिसका उद्-घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डा. शैलेंद्र कुमार ओझा, मुख्य अतिथि प्रो. रमेशचंद्र सिंह , विशिष्ट अतिथि बाबा नागार्जुन स्मृति सम्मान से सम्मानित कवि कुमार बिंदु एवं शंकर कॉलेज के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. नीलम पाल ने स्वागत भाषण देते हुए हिंदी भाषा की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं, कॉलेज की छात्रा ज्योति, प्रीति, कशिश, आकृति, सलोनी एवं मुस्कान आदि छात्राओं ने समवेत रूप से सरस्वती वंदना व स्वागत गान पेश किया। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार ओझा ने सभी अतिथियों को अंग वस्त्र, प्रतीक चिन्ह एवं बुके देकर सम्मानित किया।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में साहित्यकार कुमार बिंदु ने कहा कि यह गलत अवधारणा है कि संस्कृत भाषा हिंदी की जननी है। उन्होंने हिंदी के अनेक शब्दों के उद्गम श्रोतों के बारे में भी बताया। वहीं, युवा कवि एवं प्राध्यापक डॉ. अरुण ने वर्तमान में युवा पीढ़ी द्वारा सोशल मीडिया पर अंग्रेजी भाषा के बढ़ते प्रचार -प्रसार को चिंताजनक बताते हुए उसके विभिन्न पहलुओं की चर्चा की। साथ ही फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप पर हिंदी भाषा में पोस्ट करने का पुरजोर समर्थन किया। अध्यक्षीय वक्तव्य में प्रोफेसर रमेशचंद्र सिंह ने हिंदी भाषा को बहुआयामी बताते हुए कहा कि तकनीकी युग में हिंदी भाषा और उसकी बोलियों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, अभिव्यक्ति और रोजगार की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. शैलेंद्र कुमार ओझा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी भाषा को राष्ट्रभाषा का दर्जा मिलना चाहिए। हिंदी देश की आत्मा है। हिंदी के बिना सभी भाषाएं अधूरी हैं।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में महाविद्यालय में पूर्व में आयोजित हिंदी दिवस प्रतियोगिता 2025 के विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
- भाषण प्रतियोगिता: प्रथम – बीबीए की छात्रा सलोनी सिंह, द्वितीय – बीबीए की छात्रा साक्षी गुप्ता, तृतीय – भौतिक विज्ञान की छात्रा रंजनी कुमारी।
- वाद-विवाद प्रतियोगिता: प्रथम – कुशराज (राजनीति विज्ञान के छात्र), द्वितीय – सोनाली कुमारी (बीबीए की छात्रा), तृतीय – सोनाली कुमारी (इतिहास की छात्रा)।
- कविता लेखन: प्रथम – स्नेहा (बायोटेक की छात्रा), द्वितीय – मानसी पांडेय (बायोटेक की छात्रा), तृतीय – रंजीत कुमार (हिंदी के छात्र)।
सभी विजेताओं को मेडल और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।

समारोह के अंत में हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम पाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नीलम और प्रो. कन्हैया सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मौके महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. कमलनयन सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. आनंद सिंह, बर्सर डॉ. फरीद आलम, डॉ. संतलाल राम, डॉ. सविता, डॉ. मधु, डॉ. नरेश शर्मा, डॉ. शिवनाथ प्रजापति सहित अनेक शिक्षक- शिक्षिकाएं एवं सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।






